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    दो गज की दूरी ही कोरोना से बचाव का एक मात्र इलाज- डीएम

    दो गज की दूरी ही कोरोना से बचाव का एक मात्र इलाज- डीएम

    शाहजहाँपुर।
    जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने कहा है कि कोरोना बीमारी का अभी तक कोई इलाज नही आया है। कोरोना से बचाव ही एक मात्र उपाय है। इसलिए दो गज की दूरी  बना कर रखें। खुद को तथा दूसरों को संक्रमित होने से बचायें और एक अच्छे नगरिक होने का परिचय दे।

    श्री सिंह ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत दुकानदार अपनी दुकान में स्वयं और काम कर रहे लोगों को फेस कवर का प्रयोक अनिवार्य रूपसे करे और कराए। दुकानदार एक समय मे एक ही ग्रहक को समान विक्रय करें तथा ध्यान दे कि ग्राहक ने फेसकवर का इस्तेमाल किया है अथवा नहीं। दुकान पर एक ग्राहक और दूसरे ग्राहक के बीच की दूरी अनिवार्य रूप से दो गज रखी जाए। दुकानदार कोविड 19 संक्रमण से बचाव हेतु ग्राहक को छूने से बचें तथा समय-समय पर हाथ सेनेटाइज करते रहे। उक्त के उल्लंघन की दशा में महामारी अधिनियम के तहत कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

    जिलाधिकारी ने कहा है कि बाजार में ग्राहक अन्य लोगों से कम से कम दो गज की दूरी बना कर चले। दो पहिया वाहन में परिवार के सदस्य के अलावा किसी और को बैठने न दे। इससे संक्रमण होने की संभावना हो सकती है। टैक्सी इत्यादि में  मास्क प्रयोक किए बिना सवारी पाए जाने पर वाहन सीज करते हुए चालक के विरुद्ध महामारी अधिनियम के तहत कानूनी कार्यवाही की जाएगी। बहुत जरूरी होने पर बाजार अथवा किसी अन्य कार्य से घर से बाहर निकले । 60 वर्ष की आयु  क्रॉस करने वाले बुजुर्ग घर पर ही सुरक्षित रहे, घर से बाहर न निकले। यदि आपके आस-पास "पड़ोस" में किसी व्यक्ति के खांसी,जुखाम, बुखार,सिरदर्द, सांस लेने में तखलीफ़ आदि लक्षण दिखे तो उसे कोरोना टेस्ट कराए जाने हेतु प्रेरित करें।

    श्री इन्द्र विक्रम सिंह ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत निजी चिकित्सालयों, नर्सिंगहोम, एवं सरकारी चिकित्सालयों में आते समय मरीजो के द्वारा व उनके तीमारदारों के द्वारा निम्न सावधानियां बरती जाए। किसी भी चिकित्सालय में आते समय  स्वयं तथा अपने सहायक  को फेसकवर का इस्तेमाल करना अनिवार्य करें। अन्यथा  उल्लंघन की दशा में 500 रुपये के जुर्माने से दण्डित किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि यदि आपको खाँसी, जुखाम, बुखार, सांस लेने में तखलीफ़  है तो पहले सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर निःशुल्क कोरोना की जांच करा लें और रिपोर्ट निगेटिव आने पर  चिकित्सालय में उपचार हेतु आये। इससे अन्य किसी मरीज व डॉक्टर को संक्रमित होने से बचाया जा सकता है। यदि आपको सरकारी चिकित्सालय में आना बहुत जरूरी नही है तो फोन से टेलीमेडिसिन के माध्यम से चिकित्सीय परामर्श ले सकते है। गम्भीर बीमारी की दशा में  चिकित्सालय आये। चिकित्सालय में खान-पान एवं कटे हुए फल इत्यादि का सेवन करने से बचें। इससे कोरोना से संक्रमित होने की संभावना कम होगी।

    जिलाधिकारी ने कहा है कि कोरोना वायरस के दृष्टिगत किसी भी सरकारी कार्यालय या सार्वजनिक स्थान पर जाते समय निम्न सावधानियां बरती जाए। बहुत आवश्यक होने पर ही सरकारी कार्यालयों पर आए। अपनी शिकायत लिख कर लाये तथा कार्यालय आते समय फेसकवर का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से करे। कार्यालयों में बनाई गई हेल्प डेस्क पर अपने बुखार व ऑक्सीजन की जांच कराए तथा सम्बन्धित कर्मी द्वारा सन्तुष्ट होने पर आगे बढ़े। किसी भी अधिकारी एवं कर्मचारी के सारीरिक सम्पर्क में आने से बचें, दो गज की दूरी रख कर ही अपनी बात कहें। लिखित  शिकायत को पेटिका में डाले। बहुत आवश्यक होने पर ही सीधे अधिकारी से मिलने का प्रयास करें।

    फ़ैयाज़ उद्दीन  शाहजहाँपुर

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