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    दीपक सरीन को 1 31 श्रेष्ठ व्यंग्यकारों में चुना गया

    दीपक सरीन को 1 31 श्रेष्ठ व्यंग्यकारों में चुना गया

    आगरा.
    कवि व गीतिकार दीपक सरीन को प्रलेक प्रकाशन समूह, मुम्बई, महाराष्ट्र ने देश के 131 श्रेष्ठ व्यंग्यकारों में चुना. दीपक सरीन ने शेर, गीत, कहानी और कविता के लिखने के साथ ही साहित्य में अपना एक और कदम बढ़ाते हुए देश के 131 श्रेष्ठ व्यंग्यकारों में अपना नाम शुमार किया है. प्रलेक प्रकाशन समूह, मुम्बई, महाराष्ट्र ने 21वीं सदी के 101 श्रेष्ठ व्यंग्यकार विषयक मेगा योजना इस जुलाई में प्लान की थी, जिसमें देश और विदेश के सक्रिय और श्रेष्ठ व्यंग्यकारों ने अपनी रचनाधर्मिता का परिचय देते हुए उत्साहवर्धन किया है। प्रलेक प्रकाशन समूह के निदेशक, जितेंद्र पात्रो ने बताया कि अब यह योजना 101 से 131 हो चुकी है.


    महज एक महीने के अंतराल में लगभग देश और दुनिया से 200 व्यंग्यकारों की रचनाओं का मिलना, उन्हें पढ़ना, उन्हें साहित्य के प्रयोजन पर कसना - यह किसी रोमांचक कार्य से कम नहीं रहा। 175 रचनाओं में से 101 छाँटना आसान काम नहीं था, क्योंकि सभी रचनाएँ अपनी-अपनी शक्ति से श्रेष्ठ थीं. इसलिए देश के व्यंग्यकारों के अतिउत्साह को देखते हुए इस योजना में अब 131 व्यंग्यकारों की रचनाओं को शामिल किया गया है, ताकि संचयन अधिकाधिक प्रतिनिधित्व का बन सके। पात्रो ने यह भी बताया कि शेष व्यंग्यकारों की रचनाओं को प्रकाशन के अनुकूल नहीं पाया गया। वाकई में चयन किसी युद्ध से कम नहीं रहा।

    इस योजना को साकार रूप देने में सर्वाधिक सक्रिय व चर्चित व्यंग्यकार डॉ. लालित्य ललित व वरिष्ठ व्यंग्यकार व व्यंग्य-समालोचक डॉ. राजेश कुमार ने दिन-रात एक करके भारतीय पाठकों व अंतर्राष्ट्रीय पाठक जगत तक उमदा, बेहतरीन, व सार्थक व्यंग्य संचयन प्रस्तुत किया है। इस बेहतरीन योजना को अमली जामा पहनाने का दृढ़ संकल्प करने वाले प्रलेक प्रकाशन समूह के युवा कर्मठ व उत्साही निदेशक जितेंद्र पात्रो ने आगे बताया. श्री पात्रो ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि इस मेगा प्रोजेक्ट में देश के साथ विदेशों के भी व्यंग्यकारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा व न्यूजीलैंड के व्यंग्यकार भी शामिल है।
                          भारत के प्रदेशों के चयनित व्यंग्यकारों का लेखा-जोखा बताते हुए जितेंद्र पात्रो ने बताया कि इस संचयन में मध्य प्रदेश से 36, उत्तर प्रदेश से 22, राजस्थान से 16, राजधानी दिल्ली से 12, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से 10 प्रत्येक, उत्तराखंड से 4, हिमाचल प्रदेश और बिहार से 3 प्रत्येक, पंजाब और झारखंड से 2 प्रत्येक, तथा पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, चंडीगढ़, जम्मू, तमिलनाडु, और तेलंगाना से 1 प्रत्येक सम्मिलित किए गए हैं. इसके साथ ही कनाडा से 3, तथा ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड से 1 प्रत्येक, व्यंग्यकारों को संचयन में स्थान मिला है।
    संचयन की गुणवत्ता और सार्थकता को रेखांकित करते हुए, श्री पात्रो ने बताया कि ऐतिहासिक महत्व का यह संचयन आगामी 2 अक्तूबर को गांधी जयंती के दिन राजधानी दिल्ली में लोकार्पित किया जाएगा।


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