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    अयोध्या जनपद में पंचायत चुनाव को लेकर अटकलों का बाजार गर्म ,समय से चुनाव संभव नहीं

    अयोध्या जनपद में पंचायत चुनाव को लेकर अटकलों का बाजार गर्म ,समय से चुनाव  संभव नहीं

    अयोध्या।
    प्रदेश में कोरोना को  लेकर संकट चल रहा है। , लोग रोजी रोटी के लिए परेशान हैं।  बेरोजगारी इस कदर बढ़ गई है  कि लोग रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं।  जो गैर प्रदेश में रोजगार में लगे थे वह भी अपने घर वापस  आ गए हैं।  ऐसे में ग्रामीण अंचल में  पंचायत चुनाव को लेकर  अटकलों का बाजार गर्म है। जिसके चलते दूर-दूर तक निर्धारित समय से  त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराना संभव नहीं दिखाई पड़ रहा है । और अब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 में ही होना संभव दिख रहा है। जैसा कि 2015 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 9 अक्टूबर से 9 दिसंबर के बीच 4 चरणों में हुए थे। 18 मई 2015 से पंचायतों की वोटर लिस्ट को पुनरीक्षण प्रारंभ हुआ था। फरवरी-मार्च में ही तैयारी शुरू हो गई थी। 16 मार्च को ही निर्वाचन क्षेत्र तय हो गया था। और इस वर्ष अभी तक पंचायत चुनाव की तैयारी शून्य  सी लग रही है। जिस कारण निर्धारित समय से चुनाव करा पाना संभव नहीं है।

    बताया जाता है कि  प्रधानों का कार्यकाल दिसंबर में समाप्त हो जाएगा । ऐसे में उसके पूर्व चुनाव कराया जाना  चाहिए।  किंतु  कोरोना के चलते  पंचायत चुनाव कराने  की तैयारी ना के बराबर है। 
     अब प्रश्न उठता है  कि पंचायत का चुनाव समय से कैसे होगा  जिसके चलते प्रशासक नियुक्त किया जाना ही एक विकल्प दिखाई पड़ रहा है।
    बताया जाता है कि दिसंबर में पंचायत चुनाव का कार्यकाल पूरा हो रहा है, लेकिन कोरोना महामारी के कारण निर्वाचन की तैयारियां मुकम्मल नहीं है।.  ऐसे में सरकार  चुनाव को 6 महीने के लिए आगे बढ़ा  शक्ति है।  इस बात पर भी विचार किया जा    रहा है कि या तो प्रधानों व क्षेत्र पंचायत सदस्यों का कार्यकाल 6 महीने के लिए बढ़ाया जाए या फिर  प्रशासक नियुक्त  किया जाए।. लगातार बढ़ रहे संक्रमित मरीजों के  वजह से त्रि-स्तरीय  ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत चुनाव तय समय पर निर्वाचन पूर्व प्रक्रिया पूरी न होने पर स्थगित हो सकते हैं।.
     निर्वाचन प्रक्रिया की अभी शुरुआत नहीं हुई है. वोटर लिस्ट, परिसीमन व अन्य निर्वाचन प्रक्रिया को पूरा करने में करीब 6 महीने का वक्त लगेगा।. मौजूदा हालात में ऐसा होता दिख नहीं रहा।.
     ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 दिसंबर को पूरा हो रहा है. अगर पंचायत चुनाव टालते हैं तो ग्राम प्रधानों को एक्सटेंशन देने या  प्रशासक बनाने पर फैसला लिया जा सकता है। वहीं पर प्रधान ग्राम पंचायत सदस्य बीडीसी सदस्य जिला पंचायत सदस्य के चुनाव  लड़ने वाले. संभावित प्रत्याशी क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाने में लगे हुए हैं। कार्यरत प्रधान  मनरेगा के धन से अपना जनसमर्थन बढ़ाने में लगे हैं।  सरकार ने ग्राम पंचायतों के लिए काफी धन भी उपलब्ध करा दिया है। जिससे अपने लोगों को खुश करने में कोई दिक्कत नहीं आ रही है। वहीं पर अन्य प्रत्याशी भी गांव में टहल कर कोई मास्क  वितरण कर रहा है तो कोई सतर्क रहने की नसीहत दे रहा है। कोई करोना खत्म होने पर अमुक कार्य कराने की बात कर रहा है ।यदि देखा जाए तो संभावित प्रत्याशी चुनावी गठजोड़ में लग गए हैं। कार्यरत प्रधान यह चाह रहे हैं की चुनाव 6 महीने के लिए टल जाए। किंतु अन्य संभावित प्रत्याशी यह चाह रहे हैं कि चुनाव समय से हो जाए। अब सारा दारोमदार सरकार पर निर्भर करता है कि वह  कार्यकाल बढ़ाएगी या प्रशासन नियुक्त करेंगे।


    देव बक्स वर्मा
    आई एन ए न्यूज़
    अयोध्या उत्तर प्रदेश

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