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    जनसंख्या बिस्फोट ना करा दे कोरोना- वादा फ़ाउंडेशन

    जनसंख्या बिस्फोट ना करा दे कोरोना- वादा फ़ाउंडेशन 

    बिसवां/सीतापुर.
    विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवारा के अवसर पर  महिला स्वास्थ्य अधिकार अभियान के तहत सामाजिक संस्था वादा फ़ाउंडेशन के द्वारा मीडिया के साथ चर्चा की गई . वादा फाउंडेशन की अध्यक्ष कमरूननिशाँ अंसारी ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण भारत संकट के दौर से गुजर रहा है और केंद्र तथा राज्य सरकार इसको नियंत्रित करने का सराहनीय प्रयास कर रही है ! इस सकट के दौर मे हम सरकार का ध्यान महिला स्वास्थ्य अधिकार के अनछुवे पहलूवो पर आकर्षित करते हुये ये मांग करते है कि सरकार इसके निराकर हेतु आवश्यक कार्यवाही करे | कोविड -19 के प्रसार को रोकने के लिए पूरे देश में पूर्ण रूप से लॉकडाउन की घोषणा के बाद से कई सेवाओं को बंद कर दिया गया ।

    इस लॉक डाउन के बाद मातृत्व स्वास्थ्य से जुड़ी कई आवश्यक सेवाओं जेसे टीकाकरण, VHND, परिवार नियोजन, MTP कानून के तहत गर्भ समापन आदि सेवाओं के बंद होने की वजह से महिलाओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त करने में काफी कठिनाइयां उत्त्पन्न हुई है |  हालांकि अनलॉक के चरण के दौरान कई मातृत्व स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं को शुरू किया गया परन्तु अभी भी सुविधाए प्राप्त करने में बहुत सी अड़चने आ रही हैं | लॉकडाउन के कारण गर्भनिरोधक हासिल करने और उसके प्रयोग में काफ़ी हद तक कमी देखी गई। कोविड के चलते सरकार द्वारा हेल्थ सेंटरों पर नसबंदी और आईयूसीडी की सेवाएँ भी रोकी गई ! बिना डॉक्टर के पर्चे पर मेडिकल स्टोर से मिलने वाली गर्भ निरोधक दवाई, कंडोम, आदि को प्राप्त करने में लोगों को काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। इस दौरान लोगों को गर्भ निरोधक साधनों का न मिलना, जिसके कारण अनचाहा गर्भ का ठहर जाना आदि समस्या बन गई है !

    नागरिक अधिकार संगठन के संयोजक हरीशंकर गुप्ता ने कहा कि मातृ मृत्यु दर में बढ़ोत्तरी व असुरक्षित गर्भ समापन के प्रतिकूल परिणाम को रोकने के लिए क़ानूनी व सुरक्षित गर्भ समापन हेतु एम॰टी॰पी॰एक्ट (मेडिकल टर्मीनेशन ऑफ प्रेगनेन्सी एक्ट 1971) गर्भ समापन कानून लाया गया ! डॉक्टर की सलाह से विशेष परिस्थितियो में 20 सप्ताह तक गर्भ समापन कराना महिला का कानूनन अधिकार है । अब यदि लोग अनचाहे बच्चे को लेकर यदि गर्भ समापन करना चाहे तो उनको न ही डाक्टर मिल रहे है न ही अस्पताल ! सामान्य दिनों में औसतन प्रतिदिन करीब 80000 महिलाएं बच्चों को जन्म देती है प्रसव होते है, करीब 45000 महिलाये गर्भ समापन कराती है ! फाउंडेशन फॉर रेप्रोडिकटिव हेल्थ ऑफ़ इंडिया के अध्यन के अनुसार इन गर्भनिरोधक सेवाओं के न हासिल करने की वजह से भारत में करीब 2.38 लाख अतिरिक्त अनचाहे गर्भधारण, 1.45 लाख अतिरिक्त गर्भपात जिसमे 834,042 असुरक्षित गर्भपात और 1,743 अतिरिक्त मातृ मृत्यु होने की संभावना है। ज्यादा समय तक ऐसा रहा तो इसका प्रभाव और भी भयानक होगा।

    वादा फ़ाउंडेशन के साथी राम यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 11 जुलाई को  विश्व जनसँख्या दिवस मानते हुए जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े की शुरुवात की गई निश्चित रूप से जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े से लोगों में जागरूकता आएगी ! कोरोना और स्वास्थ्य पर वादा फ़ाउंडेशन लगातार लोगो को जागरूक कर रहा है ! हम लोगो की सरकार से ये मांग है कि जागरूकता के साथ ही साथ संसाधनों की उपलब्धता व उनतक लोगों की पहुँच को सुनिश्चित करे ताकि जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े को सफल बनाया जा सके !

      शरद कपूर/आलोक अवस्थी
            सीतापुर

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