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    भाजपा सरकार की योजनाओं पर ग्राम प्रधान का डाका


    भाजपा सरकार की योजनाओं पर ग्राम प्रधान का डाका 


    (सपा के भी शासनकाल में बने थे आवास लेकिन उनके फूट गए करम)

    (लाभार्थियों ने खाते से निकाला पैसा, ग्राम प्रधान ने कहा तुम्हारा कोई हक नहीं)

    सोनभद्र।  जिले के विकासखंड नगवा के अंतर्गत ग्राम पंचायत लौवा के बिरनचुआ मकरीबारी टोला से एक अजीबो-गरीब खबरें निकलकर सामने आई है, जहां पर ग्राम प्रधान राम मूरत यादव द्वारा लाभार्थियों के खाते से पैसा निकलवा कर उसको डकारने का मामला प्रकाश में आया है। ग्राम प्रधान के इस कारनामे से ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल है। अगर लोगों की माने तो राम मूरत दूसरी बार ग्राम प्रधान बने हैं और दोनों बार मनमाने तरीके से इनका लूट का सूट चलता रहा है। जब मामले की पड़ताल के लिए मीडिया की टीम सोनभद्र जिला मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत लौवा के मकरी बारी टोले में पहुंची तो ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के काले कारनामों के पोल को खोल कर रख दिया।

    बिरनचूआ टोले के निवासी कुबेर को भाजपा के शासनकाल में प्रधानमंत्री आवास मिला है। जब इसके बारे में मीडिया ने कुबेर से जानकारी ली तो कुबेर ने ग्राम पंचायत की कुंडली ही खोल दी। लाभार्थी कुबेर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जब प्रधानमंत्री आवास मिला था तो उस समय ग्राम प्रधान मुझे अपने साथ में लेकर बैंक पहुंचे और खाते से पैसा निकलते हुए उसे ले लिया। जब हमने इसका विरोध किया तो ग्राम प्रधान ने बोला कि हमारे पास पूरी साधन सुविधा उपलब्ध है। हम तुम्हारा मकान बनवा देंगे। 


    लाभार्थियों को पैसा देने का कोई आदेश नहीं है। इस बात का झांसा देते हुए लाभार्थियों से पैसा ले लिए। कुबेर ने कहा कि हमारा प्रधानमंत्री आवास दो नंबर के मटेरियल से बनवाया गया है जिस मकान में परिवार को लेकर रहने में डर लगता है कि कहीं कोई बड़ी अनहोनी ना हो जाए इसके साथ ही मकान में अभी तक ना ही खिड़की लगवाई गई है और ना दरवाजा लगाया गया है। इसके साथ साथ बरसात होने में मकान चू भी रहा है। ग्राम प्रधान से जब इसके बारे में कहा जाता है तो कहते हैं कि हो जाएगा लेकिन 3 वर्ष बीत गए लेकिन अभी तक नहीं कार्य नहीं कराया गया।

    मकारीबारी निवाशी मानमती ने बताया कि हमारे बिटिया की शादी थी हमारा बेटा बाहर नौकरी करता था। घर में कोई जिम्मेदार नहीं था। जिसका फायदा उठाते हुए ग्राम प्रधान ने आवास का पैसा डकार लिए और अभी तक घर में न तो खिड़की लगवाई गई और ना ही दरवाजा लगवाया गया और छत भी पड़ी तो वह भी चु रहा है और पुराना घर भी गिर गया। अब रहने को जगह नहीं है। हम जाएं तो आखिर जाए कहां अधिकारी भी जांच करने नहीं आते और कोई कार्यवाही भ्रष्टाचारियों के खिलाफ नहीं करते हैं।

     ग्रामीण अमरावती ने बताया कि वह अत्यंत गरीब और दुखिया है उसे आवास की जरूरत है लेकिन जब उसने अपनी सारी बातें ग्राम प्रधान को बताई तो उन्होंने फार्म भरने के नाम पर ₹200 की वसूली किया है और आज तक गरीब महिला को आवास नहीं मिला ! इसके साथ ही मकरीबारी में दर्जनों की संख्या में ऐसे लाभार्थी हैं जिनके साथ जमकर लूट हुई है और उनका आर्थिक शोषण किया गया है लेकिन अभी तक कोई अधिकारी मौके पर जाकर मुआयना नहीं किया और जांच कर कोई कार्यवाही नहीं की गई जिससे अब आम जनता का अधिकारियों से भरोसा उठने लगा है ।

    वही जब मीडिया ने इसके बारे में जिला पंचायती राज अधिकारी डीपीआरओ से संपर्क करना चाहा तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया। लिहाजा आधिकारिक बयान नहीं लिखा जा सका है ।

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