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    आईएएस और चेयरमैन आमने सामने

    आईएएस और चेयरमैन आमने सामने
     

    गाज़ीपुर.
    बीजेपी सरकार में बीजेपी के बड़े नेता भी नौकरशाही से इस कदर परेशान हैं कि वो मीडिया के सामने आकर अपनी बात कहने को मजबूर हो रहे हैं।गाजीपुर में मामला नगर की प्रथम नागरिक नगरपालिका परिषद की चेयरमैन सरिता अग्रवाल और देश की सबसे वरिष्ठ प्रशासनिक सेवा के एक आईएएस अधिकारी प्रभास कुमार से जुड़ा हुआ है।प्रभाष कुमार ट्रेनी आईएएस हैं और एसडीएम सदर/जॉइंट मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत हैं साथ ही नगरपालिका परिषद गाजीपुर के ईओ का चार्ज भी उन्हीं के पास है।नगरपालिका परिषद की चेयरमैन सरिता अग्रवाल के प्रतिनिधि और पूर्व नगरपालिका चेयरमैन विनोद अग्रवाल ने प्रेस वार्ता कर ट्रेनी आईएएस प्रभास कुमार पर गंभीर आरोप लगाये हैं।चेयरमैन प्रतिनिधि के अनुसार ईओ नगरपालिका के विकास कार्यों में अनावश्यक रूप से अड़ंगा लगा रहे हैं जिसकी वजह से कोरोना काल में गरीबों तक सरकार की लाभकारी योजनायें नहीं पहुंच पा रही हैं।




    हमारी छवि के साथ नगरपालिका परिषद बोर्ड और भारतीय जनता पार्टी की छवि कुछ गलत काम करने वाले विरोधियों और विपक्षी दलों के लोगो द्वारा मनगढ़ंत आरोप लगाकर धूमिल करने की नाकामयाब कोशिश की जा रही है और उन्ही लोगो के बहकावे में आकर नगरपालिका के EO और प्रशिक्षु IAS जनहित के कार्यो की अवहेलना कर रहे हैं जिससे नगरपालिका के कार्य बाधित हो रहे हैं।ये बातें स्थानीय नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष  सरिता अग्रवाल और उनके पति व भाजपा नेता व पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष विनोद अग्रवाल दो दर्जन सभासदों के साथ पत्रकार वार्ता कर कहीं।पत्रकार वार्ता में उन्होंने सनसनीखेज खुलासा करते हुए विपक्षी दल के लोगो सहित उन्होंने नगर पालिका के वर्तमान अधिशासी अधिकारी और प्रशिक्षु आईएएस पर असहयोग और जनहित कार्यो में शिथिलता का आरोप भी लगाया।

    अध्यक्ष प्रतिनिधि ने अध्यक्ष की मौजूदगी में बताया कि कुछ लोग मुझसे गलत काम कराना चाहते थे और मेरे द्वारा नियमानुसार जांच में जब वो काम गलत पकड़ में आया तो मेरे द्वारा नही किया गया तो वही भ्रष्टाचारी और विरोधी लोग हमको भ्रष्टाचारी बताकर झूठ आरोप लगाने की नाकामयाब कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से चैलेंज करते हुए कहा कि साक्ष्य के आधार पर आरोप लगाइए तो स्वागत है लेकिन आधारहीन आरोप पर मुहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि ऐसे ही लोग वर्तमान अधिशासी अधिकारी और प्रशिक्षु आईएएस को भी बरगलाते हैं और इन बातों से पिछले 6 महीने से पालिका के सारे कार्य प्रभावित हैं।
    साथ ही उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा प्रदेश को भूमाफियाओं और अपराधियो से मुक्त कराने की मुहिम चलाई जा रही है लेकिन लोकल स्तर पर कुछ विपक्षी लोगो द्वारा सरकारी योजनाओं की जमीन पार्क समेत कब्जा कर ली गयी है, और इसकी शिकायत पर करवाई के लिए मैंने सभी सक्षम अधिकारियों को लिखा लेकिन अभी तक कोई करवाई नहीं हुई, मुझे यकीन है कि इसकी जांच हो जाए तो जिला प्रशासन इसे तत्काल प्रभाव से खाली करा लेगा लेकिन मुख्यमंत्री जी के ऑपरेशन क्लीन का गाज़ीपुर में मजाक उड़ाया जा रहा है।

    इस अवसर पर उन्होंने ये भी बताया कि इ-टेंडरिंग प्रक्रिया में सक्षम अधिकारियों का सिग्नेचर डिजिटलीकरण का प्रावधान है लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते अबतक अधिशासी अधिकारी सहित अन्य लोगो का हस्ताक्षर अबतक डिजिटल नहीं हुआ, इससे विकास कार्य बाधित हैं।
    वहीं सभासद और वरिष्ठ भाजपा नेता निर्गुण दास ने बताया कि वर्तमान अधिशासी अधिकारी और अध्यक्ष अपने अपने हिस्से का कार्य करें तो जनता का कार्य बाधित नहीं होगा। लेकिन ऐसा हो नहीं रहा, उन्होंने आरोप लगाया कि अधिशासी अधिकारी कार्यालय आते ही नहीं और दस पंद्रह दिनों में एक बार कुछ देर के लिए आ भी गए तो कार्य कैसे होगा। उन्होंने कहा इसकी शिकायत हमने गाज़ीपुर के नोडल सचिव के दौरे पर भी की थी और उन्होंने इन्हें निर्देशित भी किया था लेकिन आजतक सफाई कर्मियों का वेतन तक जारी नहीं हो पाया है।

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