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    सीतापुर में अंकों की बाजीगरी के सहारे पॉजिटिव मरीजों की संख्या कम दिखाने का चल रहा है खेल

    सीतापुर में अंकों की बाजीगरी के सहारे पॉजिटिव मरीजों की संख्या कम दिखाने का चल रहा है खेल

    सीतापुर।
    वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ लड़ी जा रही जंग को जीतने के लिए देश के प्रधानमंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री दिन-रात एक किये हुए है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग बीमारी पर नियंत्रण नही कर पा रहा है। लगातार मरीजों की संख्या जिले में बढ़ रही है। मरीजों की संख्या पर नियंत्रण करने के बजाए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अब मरीजों के आंकड़े को छुपाने के लिए अंकों का खेल शुरू कर दिया है। ज्ञात हो कि कल देर शाम स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की संख्या की एक दैनिक रिपोर्ट जारी की है। जिसमें अब तक जिले में 197 पॉजीटिव मामले बताये गए हैं।

    रिपोर्ट में चिकित्सा उपरांत डिस्चार्ज 82, मृत्यु 01 व एक्टिव मामले 93 बताये गये हैं। जो कि सरासर गलत है। आप भी जरा कुल 197 में से डिस्चार्ज 82 व मृत्यु 01 मरीज की संख्या को घटा कर देख लीजिए तो 114 एक्टिव मामले जिले में बचेंगे। इस प्रकार रिपोर्ट में 21 एक्टिव मामलों को छुपाया गया है या फिर कुछ और है। यह विभाग के अधिकारी जाने। सूत्र बताते हैं कि यही रिपोर्ट राज्य को भेजी जाती है, और राज्य से केंद्र को भेजी जाती है। अगर ऐसा है तो सीतापुर में हुए मरीजों के आंकड़ों में अंको के खेल से राज्य व देश के आंकड़े भी गलत हुए होंगे। अगर यह कहा जाए कि आंकड़ों में अंको का खेल कर मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के आंखों में धूल झोंकने का काम स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने किया है तो यह गलत नहीं होगा।

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    बड़े ना समझ हैं सीतापुर के सीएमओ--

    दैनिक रिपोर्ट में मरीजों के आंकड़ों को लेकर जब सीएमओ डॉ आलोक वर्मा से बात की गई तो वह काफी देर तक रिपोर्ट को लेकर उलझाए रखे। फिर जब उनसे कहा गया कि आंकड़े आपकी रिपोर्ट के हैं तो उन्होंने कहा हम समझ नहीं पा रहे हैं। फिर उनको पूरा मामला बताया गया। तो फिर उनका जवाब यही था हम समझ नहीं पा रहे हैं। इस प्रकार उनको तीन बार समझाना पड़ा। इसके बावजूद भी ना समझ सीएमओ मामले को समझ नहीं पाए, और उन्होंने कहा कि आप एसीएमओ डॉ सुरेंद्र सिंह से बात कर लीजिए। वह आपको रिपोर्ट की बारीकी समझा देंगे। कहते हैं कि दुनिया का सबसे मुश्किल काम हैं "समझदारों को समझाना" यह कहावत सीएमओ सीतापुर के ऊपर पूरी तरह से चरितार्थ होती है।

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    क्या कहते हैं कोविड के नोडल अधिकारी-

    दैनिक रिपोर्ट के आंकड़ों के अंको को लेकर जब एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ सुरेंद्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कुछ मरीजों की रिपीट जांच हुई है जिससे उनकी दो आईडी बनकर पोर्टल पर अपडेट हो गयी हैं। इसी वजह से अंतर आ रहा है। अगर एसीएमओ की बात को मान लिया जाए तो फिर रिपोर्ट में एक कालम नोट का भी दिया हुआ है। जिसमें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या दी हुई है। एल-1 अस्पताल खैराबाद में 42, एमजे ग्रांड होटल में 05, बीएचयू वाराणसी में 01, एल-2 अस्पताल हरदोई में 9 व  लखनऊ में 23 मरीज भर्ती हैं। वहीं 34 मरीजों के भर्ती की प्रक्रिया जारी है लिखा हुआ है। इस प्रकार यह संख्या 114 हो रही है। तो फिर रिपीट जांच के बाद दो आईडी वाले 21 मरीज कैसे भर्ती हो गए? हम आपको बता दें कि नोट के कालम में एक्टिव मरीजों की संख्या को टोटल करके नहीं लिखा गया है। जिससे लोगों को सच्चाई का पता न चलने पाए। इसके अलावा नोट के कालम में लखनऊ में भर्ती मरीजों को पहले एक साथ फिर अलग-अलग करके भी लिख दिया गया है। जिससे आप आंकड़ों के अंको में उलझे रहें, और सच्चाई की तह तक न पहुंच पाए।
    उल्लेखनीय है कि जितना दिमाग स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपनी नाकामी को छुपाने पर लगा रहे हैं। इतना दिमाग महामारी पर नियंत्रण करने में लगाएं तो काफी हद तक इस पर काबू पाया जा सकता है।

          शरद कपूर
            सीतापुर

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