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    आलीशान मकान वालों को मिल रहा पीएम आवास योजना का लाभ

    आलीशान मकान वालों को मिल रहा पीएम आवास योजना का लाभ
    मामला मीडिया में आने के बाद जागा विभाग, 04 कर्मियों को किया गया सस्पेंड
    (प्रशासन अब इन अपात्रों को नोटिस देकर भुगतान की गई राशि की रिकवरी के लिए तैयारी कर रहा है)

    कन्नौज।
    केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में विभागीय अधिकारी व कर्मचारी किस तरह से पलीता लगा रहे है इसकी एक बानगी कन्नौज जिले में देखने को मिली यहां पात्र गरीब कच्चे मकानों में रहने को मजबूर है और भारी कीमत की आलीशान बिल्डिंग में रहने वाले लोगो को प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है। योजना में गड़बड़ झाला का खुलासा उस वक्त हुवा जब किसी ने अधिकारियों को जानकारी दी कि नगर पालिका कन्नौज के अध्यक्ष शैलेन्द्र अग्निहोत्री की चाची के नाम प्रधानमंत्री शहरी आवास आबंटित हो गया और योजना की पहली किस्त भी मिल गई। मामला मीडिया की सुर्खियों में आया तो जिले के आलाधिकारी हरकत में और दो सदस्यीय जांच टीम बनाकर जांच के आदेश दिए गए। जांच में मामला सही पाया गया तो आलाधिकारियों ने आनन फानन में तहसील के दो लेखपाल और नगर पालिका के दो कर्मियों सहित 4 को सस्पेंड कर दिया गया और अपात्रों के खाते में भेजी गयी राशि की रिकवरी के आदेश दे दिए गए।


    तस्वीरों में एक तरफ सदर कन्नौज नगर पालिका अध्यक्ष शैलेन्द्र अग्निहोत्री की  चाची कल्पना अग्निहोत्री का दो मंजिल मकान दिख रहा है तो दूसरी तरफ तस्वीर में झुग्गी झोपड़ी में जीवन बसर करने वाले पात्र गरीब नजर आ रहे है। इसमे आलीशान मकान में रहने वाले को प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना से आवास आबंटित कर पहली किस्त 50 हजार रुपये दे दी गयी जिससे आवास का निर्माण भी होने लगा। दूसरी कच्चे मकान में रहने वाले गरीब मजबूर को योजना का लाभ नही दिय्या गया जो सच मे योजना के असली पात्र है। इन गरीबो का कहना है कि इनके पास आवास पाने के लिए रिस्वत में देने वाली रकम नही है और अमीर लोग सांठ गांठ योजना का लाभ ले लेते है।

    प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का संचालन जिला नगरीय विकास अभिकरण यानि डूडा आफिस से होता है योजना में पात्रों का चयन डूडा आफिस तहसील के लेखपालों व नगर पालिका के कर्मचारियों की जांच रिपोर्ट के आधार पर करता है। चूंकि मामला नगर पालिका अध्यक्ष शैलेन्द्र अग्निहोत्री की सगी चाची कल्पना अग्निहोत्री से जुड़ा था तो तहसील के लेखपाल व नगर पालिका कर्मियों ने सही जांच रिपोर्ट नही लगाई। आलीशान मकान में रहने वाली कल्पना अग्निहोत्री को गरीब दिखाकर रिपोर्ट लगा दी मामला मीडिया में आया तो जिले के आलाधिकारी भी सकते में आ गए। आनन फानन में जांच टीम गठित कर जांच करवाई गई तो मामला सही पाया गया। मामले में गलत रिपोर्ट लगाने वाले तहसील के दो लेखपाल व नगर पालिका के दो कर्मचारियों को सपेंड़ कर दिया गया।

    प्रधानमंत्री शहरी आवास में भ्रस्टाचार का मामला सामने आया तो जिलास्तरीय अधिकारियों ने पूरे जिले में योजना के पात्रों की जांच कराई तो उसमे भी 1167 अपात्र सामने आए। अब प्रशासन इन अपात्रों को नोटिस देकर भुगतान की गई राशि की रिकवरी के लिए तैयारी कर रहा है।

    केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में भ्रस्टाचार उजागर होने पर निचले स्तर के कर्मियों पर भले ही कार्यवाही कर दी गयी हो लेकिन बड़ा सवाल है कि आखिरकार इस भ्रस्टाचार को शय देने वालों पर कब कार्यवाही होगी। ये आने वाले समय मे देखने वाली बात होगी।

    रईस खान
    आई एन ए न्यूज़ कन्नौज

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