Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    अपने आसपास के विज्ञान को फोटो और फिल्म में व्यक्त करने का अवसर


    अपने आसपास के विज्ञान को फोटो और फिल्म में व्यक्त करने का अवसर 


    नई दिल्ली(इंडिया साइंस वायर)। अपने आसपास घटित होने वाली घटनाओं के पीछे कारणों को जानने के लिए अगर आप जिज्ञासु दृष्टिकोण रखते हैं तो एक नया अवसर आपके लिए उपयोगी हो सकता है। ऐसी ही किसी घटना से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों को फोटो/पेंटिंग या फिर एक मिनट की अवधि की फिल्म के रूप में आप एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए भेज सकते है। भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (INSA) एवं विज्ञान और इंजीनियरी अनुसंधान बोर्ड (SERB) द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का विषय ‘साइंस थ्रू माई आईज’ (मेरी आँखों से विज्ञान) है। 

    इस प्रतियोगिता का उद्देश्य लोगों को उनके विषय से हटकर अपने आसपास के विज्ञान को देखने, समझने और उसे प्रोत्साहित करने में मदद करना है। यह माना जा रहा है कि इस प्रतियोगिता की विषयवस्तु समीक्षात्‍मक दृष्टि, वैज्ञानिक स्वभाव, अनुसंधान में रुचि और रचनात्मक क्षमताओं को प्रोत्साहित करने में मददगार हो सकती है।

    विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के सांविधिक निकाय एसईआरबी की पहल पर शुरू की गई इस प्रतियोगिता के मुख्य विषय के अंतर्गत कोई भी उपयुक्त उप-विषय चुना जा सकता है। उप-विषयों में प्रयोगशाला, रसोई, खेल, अस्पताल, घर या कार्यस्थल पर विज्ञान शामिल हो सकते हैं। ‘साइंस थ्रू माई आईज’ के अंतर्गत रचना में कोरोना वायरस, स्वस्थ जीवन, भू-विरासत, स्वास्थ्य, आकर्षक स्थान और मुख्य विषय के अंतर्गत आने वाले किसी विषय से संबंधित कार्य शामिल हो सकता है।

    डीएसटी सचिव, प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने कहा है कि "हर जगह विज्ञान और सभी के लिए विज्ञान के माध्यम से विज्ञान का लोकतंत्रीकरण एक सशक्त विषय है, जो बड़े पैमाने पर समाज में वैज्ञानिक स्वभाव को विकसित करने में मददगार हो सकता है। यह गुणवत्ता, नवीन ज्ञान की खोज के लिए युवाओं को प्रेरित कर सकता है और विकास, सुरक्षा तथा आत्‍मनिर्भर भारत की आर्थिक जरूरतों में योगदान दे सकता है।”

    यह प्रतियोगिता केवल भारतीय नागरिकों के लिए है और इसमें शामिल होने के लिए कोई प्रवेश शुल्क नहीं रखा गया है। प्रतियोगिता तीन वर्गों में आयोजित की जा रही है। पहले वर्ग में किसी भी विषय के पीएचडी छात्र और पोस्ट-डॉक्टरल फेलो शामिल हो सकते हैं। दूसरा वर्ग किसी भी विषय में एमबीबीएस, एमएस, एमडी, एमटेक और एमबीए जैसी पेशेवर डिग्री के लिए पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए है। तीसरे वर्ग के अंतर्गत प्रैक्टिसिंग वैज्ञानिकों के साथ-साथ डॉक्टर, इंजीनियर, तकनीकी कर्मचारी, फिल्म-निर्माता, पैरा-मेडिकल स्टाफ जैसे अन्य पेशेवर शामिल हो सकते हैं। 

    प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए दो लोगों की टीम भी बनायी जा सकती है। इस प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए प्रविष्टियां 15 जुलाई 2020 तक अकेले या दो व्यक्तियों की टीम के नाम पर भेजी जा सकती है।

    उमाशंकर मिश्रा
    (इंडिया साइंस वायर)

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.