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    हमारे शरीर के लिए योग करना क्यों जरूरी है।


    हमारे शरीर के लिए योग करना क्यों जरूरी है।


    डॉ. अंशु दीक्षित की कलम से... 

    आज की जीवन शैली में जीवनयापन के लिए मनुष्य दिन-रात भाग-दौड़, काम का प्रेशर, रिश्तो में अविश्वास और मानसिक उलझन आदि के कारण तनाव से ग्रसित होता जा रहा है । इसलिए व्यक्ति को हमेशा याद रखना चाहिए कि मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि शारीरिक स्वास्थ्य। योग दोनों को प्राप्त करने में मदद करता है। योग शब्द के दो अर्थ होते है। 

    पहला अर्थ है- जोड़ और दूसरा अर्थ है- समाधि (ध्यान) और दोनों ही अर्थ जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। योग हमारे शरीर के साथ-साथ हमारे मन को भी स्वस्थ रखता है। योग से आनंद की अनुभूति होती है,जब तक हम अपने शरीर को योग कला से नहीं जोड़ते, तब तक ध्यान तक जाना असंभव हैं।ध्यान से मानसिक तनाव दूर होता है और मन को गहन आत्मिक शांति महसूस होती है जिससे कार्य शक्ति में वृद्धि होती है, नींद अच्छी आती है, मन की एकाग्रता एवं धारणा शक्ति बढती है। ध्यान के माध्यम से शरीर और मस्तिष्क का संगम होता है। योग का मार्ग सभी के लिए फलदायक और लाभदायक है। आपको मैं कुछ योग प्राणायाम के फायदे बताती हूं-

    योग कीजिए, रोग दूर भगाइए। रोज कीजिये, और जीते जाईये।।

    1. योग (प्राणायाम) हमारी इम्यूनिटी पावर को बढ़ाता है। मानसिक और शारीरिक कमजोरी को नष्ट करके और ताकत में बढ़ोतरी करता है।

    2. योग (प्राणायाम) से शरीर के संपूर्ण अंग प्रत्यंगों, ग्रंथियों का व्यायाम होता है।और शरीर को लचीला और मजबूत बनाता है।

    3. प्रतिदिन योग करने से आप खुद को प्रकृति के नजदीक महसूस करते हैं जिससे आप पूरे दिन तरोताजा और स्फूर्ति महसूस
    करते है।

    4. योग (प्राणायाम) से सोचने की क्षमता और सृजनात्मकता वाले हिस्सों में संतुलन बढ़ता है। इससे बुद्धि तेज होती है साथ
    ही आत्मनियंत्रण की शक्ति में वृद्धि होती है।

    5. योगाभ्यास से चेहरे पर चमक आती है।शरीर निरोग, बलवान और स्वस्थ बनता है।शरीर में दिन-प्रतिदिन रोगों से लड़ने की
    क्षमता बढ़ती हैं।

    6. योग से श्वास की गति पर नियंत्रण बढ़ता है। और आपके एडी से चोटी तक के रोगो को नष्ट कर देता है।

    7. योग के नित्य अभ्यास से मासिक धर्म में होने वाली पीड़ा से महिलाओं को मुक्ति मिलती है। पीरियड में नियमितता रहती है।

    8. भस्त्रिका, अनुलोम विलोम, खंड प्राणायाम और कपालभाति प्राणायाम और सूर्या नमस्कार का हर रोज अभ्यास, स्वास्थ्य के लिए बहुत बढ़िया टॉनिक के रूप में काम करता है।

    आज की जीवन शैली में योग (प्राणायाम) नियमित करने से शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ और प्रबल बनाने में मदद करता है इसलिए एक संपूर्ण जीवन के लिए, स्वस्थ जीवन , सुन्दर जीवन और शक्तिशाली जीवन, के लिए योग (प्राणायाम) बेहद जरूरी है।

    डॉ. अंशू दीक्षित
        लखनऊ

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