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    फर्जी नियुक्ति का मामला गरमाया, पूर्व कुलपति सहित चार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज

    फर्जी नियुक्ति का मामला गरमाया, पूर्व कुलपति सहित चार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज
                    
    अयोध्या।
    सरकारी नौकरी मिलना भगवान से भेंट करने के बराबर  हो गया है। और जहां पर वैकेंसी आती है , भर्ती करने वाले  ज्यादातर किसकी करते हैं यह जग जाहिर है। ज्यादातर अपने लोगों का ही करते हैं । ऐसे ही एक प्रकरण नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय अयोध्या में आया है जो विगत 16 साल पुराना है।
     नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज जनपद अयोध्या में 16 वर्ष पूर्व हुई फर्जी नियुक्तियों का मामला गरमाया  । जिसकी नियुक्ति होनी थी  जब उसकी नहीं हुई  तो इधर-उधर हाथ-पांव मारने के बाद उच्च न्यायालय की शरण लिया  और उच्च न्यायालय ने  उक्त प्रकरण में सतर्कता अधिष्ठान द्वारा जांच कराकर कार्रवाई का आदेश पारित किया।

     न्यायालय के आदेश पर सतर्कता अधिष्ठान द्वारा की गई  जांच में असलियत का रहस्य खुला।  विश्वविद्यालय में हुए नियुक्ति फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद सतर्कता अधिष्ठान के इंस्पेक्टर ने अयोध्या जनपद के कुमारगंज थाने में तत्कालीन कुलपति बीबी सिंह सहित चार लोगों के विरुद्ध गंभीर आपराधिक धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया है।
           नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज के कुलपति पद पर बीते वर्ष 2001 से 2003 तक कुलपति के रूप में डॉ बी बी सिंह की तैनाती रही।
     इस बीच विश्वविद्यालय के वस्तु विशेषज्ञ फसल सुरक्षा के 3 पदों पर नियुक्ति हेतु विज्ञप्ति जारी की गई थी। वस्तु विशेषज्ञ फसल सुरक्षा पद पर चयनित अभ्यर्थियों में प्रथम स्थान पर डॉ अरविंद कुमार सिंह एवं द्वितीय स्थान पर रुद्र प्रताप सिंह तथा तृतीय स्थान पर किसी अन्य का नाम चयनित किए जाने के बाद विश्व विद्यालय की प्रबंधक परिषद समिति द्वारा अनुमोदित करते हुए बीते 26 फरवरी 2004 को तत्कालीन कुलपति डॉ बी बी सिंह के पास पत्रावली भेज दी गई थी। किंतु कुलपति द्वारा क्रम संख्या 3 पर चयनित अभ्यर्थी के नाम के स्थान पर सफेदा लगाकर उसमें काली स्याही वाली पेन से डॉ प्रमोद कुमार सिंह का नाम अंकित कर दिया गया। काली स्याही वाली पेन से कूट रचना करके आपराधिक षड्यंत्र रच कर  उसी विज्ञप्ति पर दिनांक 17 अगस्त 2004 को क्रमशः डॉ अरविंद कुमार सिंह एवं डॉ रूद्र प्रताप सिंह को नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया तथा बीते 27 दिसंबर 2008 को   कूट रचनाकर अंकित किए गए गैर चयनित डॉ प्रमोद कुमार सिंह को भी नियुक्ति पत्र जारी कर दिया। किंतु फर्जीवाड़े की इस मामले ने तूल पकड़ लिया तथा मामला उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ जा पहुंचा।   
          मामला अत्यंत गंभीर होने के चलते उच्च न्यायालय ने बीते 16 जनवरी 2017 को न्यायालय में  रिट विनोद कुमार सिंह बनाम कुलपति एनडी यूनिवर्सिटी कुमारगंज में आदेश पारित करते हुए मामले की खुली जांच पुलिस विभाग के सतर्कता अधिष्ठान से कराए जाने के आदेश दे दिए। विश्वविद्यालय की  3 पदों पर नियुक्ति के फर्जीवाड़े की जांच सतर्कता अधिष्ठान के इंस्पेक्टर विजय कुमार यादव ने की जहां महत्वपूर्ण पदों पर की गई फर्जी नियुक्ति का जिन्न बाहर आ गया।
         मामला असलियत उजागर हो जाने के बाद स्पेक्टर विजय कुमार यादव ने फर्जी नियुक्ति प्रकरण की जांच के प्रकाश में आए विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति डॉ बीबी सिंह, ओम प्रकाश गौड़ वरिष्ठ लिपिक कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज, डॉ प्रमोद कुमार सिंह विषय वस्तु विशेषज्ञ फसल सुरक्षा कृषि विज्ञान केंद्र बंसुली महाराजगंज तथा विनोद कुमार सिंह वस्तु विशेषज्ञ फसल सुरक्षा कृषि विज्ञान केंद्र अंबापुर सीतापुर के विरुद्ध मुकदमा कायम किए जाने हेतु तहरीर दी जिसके आधार पर थाना अध्यक्ष कुमारगंज अजय कुमार सिंह ने कुलपति सहित उपरोक्त चारों लोगों के विरुद्ध धारा 420, 467, 468, 471 एवं 120 बी आईपीसी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा कायम कर लिया है फिलहाल गंभीर प्रकरण में मुकदमा कायम किए जाने के बाद मुकदमे की विवेचना सतर्कता अधिष्ठान  को सुपुर्द कर दी गई है हालांकि पुलिस मामले में अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

    देव बक्श वर्मा
    आई एन ए न्यूज़ अयोध्या - उत्तर प्रदेश

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