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    सीतापुर की महोली तहसील में गिरा गिद्ध बना कौतूहल का विषय


    सीतापुर की महोली तहसील में गिरा गिद्ध बना कौतूहल का विषय


    गिद्ध के शरीर में कैमरा व टैग लगा देख कर ग्रामीणों में मचा हड़कम्प

    सीतापुर। मंगलवार की पूर्वाह्न जिले की महोली तहसील के सहजापुर गाँव में ग्रामवासियों के मध्य एक गिद्ध आकर गिरा | यह सूचना समूचे क्षेत्र में जंगल में लगी आग की तरह फैल गई, और देखते ही देखते लोगों का हुजूम सहजापुर गाँव में उमड़ पड़ा |

    मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को उक्त गांव में एक गिद्ध गिरा होने की सूचना मिली, वर्षों बाद गिद्ध देखने को हर कोई लालायित नजर आ रहा था | इसमें कई नई उम्र के लोग तो ऐसे थे, जिन्होंने अपने जीवन में पहली बार गिद्ध को देखा है | ग्रामवासियों का हुजूम सहजापुर गाँव में गिद्ध देखने के लिए दौड़ा चला आ रहा था | लेकिन यह क्या जब ग्रामवासियों ने पास से जाकर गिद्ध को देखा तो उनके होश ही उड़ गए | कारण था गिद्ध के शरीर पर लगा टैग एवं फिट कैमरा, टैग और कैमरा लगा देखकर ग्रामीणों में हड़कम्प मच गया | और तरह तरह की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया, कोई इस गिद्ध को जासूसी के लिए छोड़ा गया गिद्ध बता रहा था तो कोई दुश्मन देश की चाल की बात कर रहा था | एक ओर तो ग्रामवासियों में गिद्ध को देखने की ललक थी, तो वहीं दूसरी ओर कैमरा व टैग लगा देख ग्रामीणों में दहशत का भी माहौल नजर आ रहा था | आनन फानन में गाँव वालों ने गिद्ध मिलने की सूचना कोतवाली महोली पुलिस व वन विभाग की टीम को दी |

    सूचना पर पहुंची पुलिस व वन विभाग की टीम ने मिले गिद्ध की गहनता से जाँच की तो देखा कि उसके शरीर पर लगे टैग पर अंग्रेजी में यह लिखा था |

    If you find this Tag please contact with BCN in Nepal or BNHS in India फोन BCN नेपाल 014417805 / 0144220213 फोन BNHS  India 9416044924 / 01733264424  गिद्ध के शरीर पर उक्त टैग के साथ ही एक कैमरा भी लगा हुआ था |

    मौके पर पहुंचे वन विभाग की टीम के सदस्यों का कहना है कि संभावना है कि यह गिद्ध मौसम की जानकारी लेने के लिए छोड़ा गया है, जो रास्ता भटक कर इधर की ओर आ गया है | वन विभाग की टीम ने गिद्ध पकड़ कर जिला मुख्यालय पर भेज दिया है, वन विभाग व पुलिस का कहना है कि जाँच के उपरांत ही पूरी जानकारी प्राप्त हो सकती है | की यह गिद्ध कहां से आया व किस उद्देश्य से छोड़ा गया |

    इस संवाददाता ने गिद्ध के फिट टैग पर लिखे भारत के नम्बर पर कई बार फोन मिलाने का प्रयास भी किया, परन्तु वर्णित फोन नम्बर लगातार स्वीच अॉफ बता रहा है | फिलहाल लोगों में गिद्ध को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है, और जिला प्रशासन इसकी जाँच कर रहा है।

    वन विभाग के लोगों का कहना है कि यह गिद्ध की एक संरक्षित प्रजाति है। नेपाल के चितवन में बर्ड कन्वर्जशन नेपाल और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के कॉलेब्रेशन से संरक्षित गिद्धों के जीवन पर रिसर्च किया जा रहा है। ये उसी का हिस्सा हो सकता है। कुछ साल पहले जीपीएस मैपिंग के लिए ऐसे गिद्ध छोड़े गए थे।

    शरद कपूर

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