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    राम मंदिर निर्माण कार्यशाला में रखे पत्थरों की सफाई के लिए कार्य तेज

    राम मंदिर निर्माण कार्यशाला में रखे पत्थरों की सफाई के लिए  कार्य तेज

     अयोध्या ।
    मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या में  राम मंदिर निर्माण  के समतलीकरण के बाद  मंदिर निर्माण  की योजनाएं जो तेजी से आगे बढ़ रही थी  कोरोना संक्रमण के चलते  और उसके बाद  चीन से विवाद के कारण  मंद गति में हो गया है  क्योंकि  भूमि पूजन का कार्यक्रम  प्रधानमंत्री  द्वारा किया जाना है  ऐसे में  पत्थरों की सफाई का कार्य  चल रहा है ।
     28 वर्षों से राम मंदिर निर्माण कार्यशाला में रखे पत्थरों की सफाई के लिए बड़ी मात्रा में लगाए गए मजदूर राम  मंदिर निर्माण की तैयारी तेज गति से की जा रही है। जिसके लिए कार्यशाला में रखें तराशे गए पत्थरों की साफ-सफाई का कार्य तेज गति से किया जा रहा है तो वही इन पत्थरों को परिसर तक पहुंचाए जाने का क्रम भी शुरू होगा जिसके लिए निर्माण कंपनी L&T ने तराशे गए पत्थरों की रिपोर्ट मांगी है।

    अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के लिए राम जन्म भूमि परिसर के समतलीकरण का कार्य पूरा किया जा चुका है जल्द ही राम जन्मभूमि निर्माण के लिए भूमि पूजन के बाद निर्माण का कार्य किया जाएगा। इसकी हलचल कार्यशाला में देखने को मिल रही है। 1990 के दशक से श्री राम जन्म भूमि के वह पत्थर जो मंदिर निर्माण के निमित्त तराश कर के रखे गए हैं उन पर लगी कार्यों को छुड़ाने के लिए केएलए कंपनी के द्वारा राम जन्म भूमि की कार्यशाला में रखें पत्थरों की साफ सफाई का कार्य किया जा रहा है जिसके लिए एक केरान व  कारीगर श्रमिक रात-दिन पत्थरों पर लगी काई को छुड़ाने का काम पानी का प्रेशर और  कई तरीके के कैमिकल का इस्तेमाल कर किया जा रहा है। वही मंदिर निर्माण कंपनी एलएन्डटी के अधिकारियों ने कार्यशाला का निरीक्षण कर पत्थरों के क्रम के अनुसार मंदिर कार्य किये जाने के लिए आर्किटेक्ट से पत्थरों के डिजाइन की रिपोर्ट मांगी है।
    कार्यशाला प्रभारी  ने बताया कि पत्थरों की साफ-सफाई को लेकर बड़ी संख्या में मजदूरों को लगाया गया। केमिकल व पानी के प्रेशर से पत्रों की सफाई की जा रही है वही मंदिर निर्माण के लिए आई कंपनी L&T ने पत्थरों को ले जाने को लेकर जानकारी मांगी थी जिसके लिए उन्हें सबसे अधिक वजन के पत्थरों की जानकारी भी दी गई है क्योंकि भारी मशीनों के माध्यम से ही भारी पत्थरों को उठाया जा सकेगा। वही मंदिर निर्माण की क्रम के अनुसार ही पत्थरों को कार्यशाला से परिसर तक ले जाने का कार्य किया जाएगा ।

    देव बक्श वर्मा
    आई एन ए न्यूज़ अयोध्या - उत्तर प्रदेश

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