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    नूर मोहम्मद ने लिया दारूल उलूम से सेनेताएज़र के प्रयोग का फतवा


    नूर मोहम्मद ने लिया दारूल उलूम से सेनेताएज़र के प्रयोग का फतवा


    विश्व विख्यात दारुल उलूम देवबंद से जारी हुआ एक और बड़ा फतवा- एल्कोहल युक्त सेनिटाइजर का हाथो और  मस्जिद के फर्श व दीवारों में कर सकते हैं छिड़काव

    देवबंद। नूर मोहम्मद क़ासमी बैंगलोर कर्नाटकी ने दारूल उलूम के फतवा विभाग से पूछा है कि करोना जैसे महा मेरी के चलते किया सेनेटाएज़र का प्रयोग किया का सकता है इस पर विश्व विख्यात दारुल उलूम देवबंद ने देश के मौजूदा हालात और कोरोना महामारी से बचाव के लिए सैनिटाइजर के प्रयोग को दरुस्त करार दिया। दारूल उलूम देवबंद द्वारा जारी फतवे में बताया गया कि देश में इस समय कोरोना महामारी फैली हुई है तथा बाजार में वेजिटेबल अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर मौजूद हैं ऐसे में मस्जिदों के अंदर सैनिटाइजर का छिड़काव हाथों में वुजू के बाद सैनिटाइजर लगा लेने मस्जिदों के फर्श को सैनिटाइज करना मजबूरी के तहत दुरुस्त है।


    शासन प्रशासन द्वारा धार्मिक स्थलों में प्रवेश से पहले सेनिटाइजर के इस्तेमाल को जरूरी किए जाने के बाद से इस पर बहस का दौर जारी है। बरेली की दरगाह आला हजरत के दारुल इफ्ता के मुफ़्ती ने अल्कोहल युक्त सेनेटाइजर के इस्तेमाल को शरीयत के खिलाफ बताते हुए इससे बचने की नसीहत की है। सेनिटाइजर के प्रयोग को लेकर देश विदेश के लोग दारुल उलूम से भी सवाल पूछ रहे थे। गुरुवार को दारुल उलूम ने इस सम्बंध में फतवा देकर शंका का समाधान किया है। दारुल उलूम के मुफ्तियों की खंडपीठ ने कहा है कि सेनिटाइजर में इस्तेमाल होने वाला एल्कोहल अलग किस्म का होता है इसलिए इसके इस्तेमाल में कोई हर्ज नहीं है।

    फतवे में मुफ्तियों की खंडपीठ ने कहा है कि इस समय कोरोना से बचाओ मजबूरी है और सबसे पहले इस महामारी से बचाव करना है, दारुल उलूम ने हालात और मजबूरी के मद्देनजर सैनिटाइजर के प्रयोग को सही ठहराया है। जबकि सामान्य हालात में अल्कोहल से बनी चीजों का छिड़काव मस्जिदों में कराना सही नहीं है। दारुल उलूम द्वारा जारी फतवे में यह भी कहा गया कि कपड़ों या बदन पर सैनिटाइजर के छींटे पड़ जाने से कपड़े या बदन नापाक नहीं होता है ।

    मुफ्तियों ने कहा है कि दवाओं और सेनिटाइजर में इस्तेमाल होने वाला एल्कोहल गन्ने का रस, सब्जी, विभिन्न तरह के दानों (केमिकल), पेट्रोल, कोयला आदि से बनता है। लिहाजा सेनिटाइजर इस्तेमाल किया जा सकता है, भले ही उसमें एल्कोहल की मात्रा ज्यादा ही क्यों न हो। वजू के बाद सेनिटाइजर से हाथ धो सकते है। मस्जिद के फर्श को भी जरूरत के हिसाब से सेनिटाइज किया जा सकता है।

    शिबली इक़बाल

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