Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    सीएम सिटी गोरखपुर के मोहल्लों में नहीं हैं सड़कें, अब तक नहीं बन सकी, दो साल पहले खोदी गयी सड़कें


    सीएम सिटी गोरखपुर के मोहल्लों में नहीं हैं सड़कें, अब तक नहीं बन सकी, दो साल पहले खोदी गयी सड़कें


    गोरखपुर ।  सीएम सिटी गोरखपुर को विकास के रोल मॉडल के रूप में खूब प्रचारित किया जा रहा है परंतु गोरखपुर नगर निगम के निकम्मेपन का असली सबूत देखना हो तो शहर के किसी भी वार्ड की किसी भी गली या मोहल्ले में जाकर देखिए, सीएम सिटी के विकास की तस्वीर आपको बहुत ही बदरंग नजर आने लगेगी। और यदि जरा भी लापरवाही की तो शायद सड़कों की स्थिति आपको घायल भी जरुर कर देगी।

    गोरखपुर नगर निगम का शायद ही कोई मोहल्ला ऐसा हो जिसकी सड़क चलने लायक हो। हर गली मोहल्ले में गड्ढों से भरी टूटी सड़कों का ही नजारा दिख रहा है।

    ----------

    पिछली बरसात के पहले से खोदी हुई हैं सभी सड़कें

    गौरतलब है कि नंदानगर, सैनिक विहार, सैनिक कुंज, पादरी बाजार, इंजीनियरिंग कॉलेज, मालवीयनगर, कूड़ाघाट, सूबा बाजार, राप्तीनगर, गायत्री नगर, झरना टोला, दरगहिया, शमशेर नगर, शताब्दीपुरम आदि मोहल्लों की सड़कें पिछली बरसात से पहले ही अंडरग्राउंड सीवर लाइन के पाइप डालने हेतु जेसीबी से खोदकर पूरी तरह खत्म कर दी गयी थी। पूरी बरसात इन मोहल्लों के नागरिकों ने किन नारकीय परिस्थितियों में गुजारे और कैसे बरसात होने पर लोगों को घरों में कैद हो जाना पड़ा ये स्थानीय लोग ही जानते हैं। एक साल बाद फिर एक बरसात सामने है लेकिन सड़कों की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

    इतनी विषम परिस्थितियों में भी लोगों ने किसी तरह पिछली बरसात को झेला कि बरसात खत्म होते ही सड़कें बन जाएंगी और उनकी समस्याएं खत्म हो जाएंगी लेकिन जनाब ये गोरखपुर नगर निगम तो बरसात बाद भी गहरी नींद सोता रहा और सारा समय बीत गया। अब फिर एक बार बरसात सामने है लेकिन हर मोहल्ले की सड़क जस की तस पड़ी है। 

    बता दें कि सीवर लाइन के काम के चलते शहर के लगभग हर मोहल्ले की सड़कें खोदकर छोड़ दी गयी हैं, जिसके कारण रोजाना राहगीर गिरकर घायल होतेे हैं। यह सिलसिला पिछली बरसात के पहले से लगातार जारी है। कितने ही लोग इन गड्ढों और कीचड़ में फिसलकर अपने हाथ पैर तोड़वा चुके हैं। अनेकों लोग अपाहिज हो चुके हैं इन सड़कों के कारण लेकिन स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इनकी कोई परवाह नहीं है।

    यदि पांच मिनट की बूंदाबांदी हो जाती है तो सड़कों पर मिट्टी और कीचड़ के कारण जानलेवा फिसलन हो रही है, जिसके कारण नंदानगर, सैनिक कुंज, सैनिक विहार, दरगहिया, पवन विहार, नया गांव, शमशेरनगर, मालवीयनगर आदि मोहल्लों के लोग आए दिन सड़कों पर फिसलकर चोटहिल हो रहे हैं।

    --------------

    नगर विधायक ने रुकवा दिया था सड़क का काम....

    बता दें कि पिछली बरसात के बाद एक बार जोर शोर से सीवर लाइन व सड़क निर्माण का काम हर मोहल्ले में शुरू हुआ था। जिसे नगर विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल ने घटिया निर्माण बताकर रुकवा दिया था और जांच कराने की मांग भी की थी। जिसके बाद नगर विधायक और नगर निगम में ठन गयी थी और नगर निगम के सभी इंजीनियर हड़ताल पर चले गए थे। इनकी आपसी तनातनी का खामियाजा यह हुआ कि जो सड़कें बरसात से पहले बन जाने वाली थी वो सब काम ठप्प पड़ा रहा गया और अब गोरखपुर के लोग फिर एक बार पूरी बरसात नारकीय जीवन जीने को विवश हैं।

    गौरतलब है कि स्थानीय लोगों के गुहार लगाने पर स्थानीय विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल ने विगत फरवरी में अपनी विधायक निधि से सैनिक कुंज मोहल्ले की कुछ सड़कों को बनवाने हेतु शिलापट्ट भी लगवाया था जिसके बाद लोगों में अपनी सड़क के बनने की आस जगी थी लेकिन आज चार महीने बाद भी स्थिति जस की तस है और वो शिलापट्ट जगह जगह कीचड़ में धंसे लोगों को मुंह चिढ़ाते प्रतीत हो रहे हैं।

    इस बाबत जब स्थानीय विधायक से बात की गई तो उन्होंने जलनिगम के अधूरे काम का हवाला देते हुए कहा कि जब तक जलनिगम का कार्य पूर्ण नहीं हो जाता सड़कें नहीं बन पाएंगी। जबकि हकीकत यह है कि जलनिगम का कोई भी काम अब इन मोहल्लों में बाकी नहीं है। यहां सिर्फ सड़कों का ही काम होना बाकी है।

    फिर एक बार बरसात का मौसम सामने है और किसी मोहल्ले में बरसात से पहले सड़क सही होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही। पिछली बरसात से ही नारकीय जीवन जी रहे सीएम सिटी के लोग इस बरसात भी वही सब कुछ झेलने को विवश हैं। लेकिन नगर निगम के अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि सीएम सिटी गोरखपुर के विकास का दिखावटी मॉडल प्रस्तुत करने में ही व्यस्त हैं।

         संजय राजपूत
    रीजनल एडिटर गोरखपुर

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.