Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    डीएम-एसपी से लगाकर सीएम व डीजीपी से भी लगायी गयी गुहार अब तक बेकार

    डीएम-एसपी से लगाकर सीएम व डीजीपी से भी लगायी गयी गुहार अब तक बेकार

    सांसद के पीआरओ ने कहा , सांसद ऐसे आरोपों का नही देते हैं जबाब

    बलिया।
    उत्तर प्रदेश के ख़बर बलिया जिले से प्रदेश में योगी ने सत्तासीन होते हुए कहा था कि दूसरों की जमीनों पर अवैध कब्जा जमाने वालो की अब खैर नही है, अगर ऐसा कोई पाया जाएगा तो उसको भूमाफिया घोषित करके कार्यवाही की जाएगी लेकिन बलिया जनपद के बैरिया तहसील से रहने वाले दरदर भटक कर गुहार लगाने वाले किसान की कहानी देखने के बाद सरकार के दावे पर ही सवाल खड़ा हो रहा है ।

    कारण कि इस विवादित प्रकरण को सुलझाने के लिये कोई भी प्रशासनिक अधिकारी प्रयास करता नही दिख रहा है । इस प्रकरण में एक सांसद पर आरोप लगाया जा रहा है और प्रशासन टालमटोल की नीति अपना रहा है, जो कही न कही सांसद की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का षडयंत्र भी हो सकता है ? अगर ऐसा नही है तो इस प्रकरण का कब का पटाक्षेप हो गया होता ।जबकि इस प्रकरण को वरीयता में लेते हुए निस्तारित कर दिया गया होता ।

    बता दे कि बैरिया तहसील के भगवानपुर गांव निवासिनी कलावती देवी पत्नी छितेश्वर यादव ,हिरामोती देवी पत्नी राम आशीष यादव ने जिलाधिकारी बलिया को आवेदन देकर इनकी कबाला शुदा जमीन पर अनाधिकृत रूप से काबिज कन्हैया सिंह पुत्र स्व दाताराम सिंह निवासी व थाना दोकटी को हटाने की गुहार लगायी है । इन लोगो ने यह भी कहा है कि कन्हैया सिंह बलिया के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के भाई है, जिससे प्रशासनिक अमला दबाव में है और हम लोगो को न्याय नही मिल रहा है । आरोप है कि कन्हैया सिंह ने इनके खेतो में खड़ी गेहूं, चना व मसूर की लगभग 1लाख 10 हजार की फसल को लूट लिया है ।


    जिलाधिकारी बलिया हरि प्रताप शाही ने न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है । वही पीड़िताओं ने अपनी फरियाद को सीएम योगी व डीजीपी तक भी रजिस्टर्ड पत्र के माध्यम से पहुंचायी है लेकिन अबतक कोई राहत नही मिली है । पीड़ितों की माने तो उनके 5 बीघा खेत पर जबरिया कब्जा हो जाने से भूखों मरने की स्थिति पैदा हो गयी है । वही इस संबंध में सांसद का बयान लेने की कोशिश की गई तो उनके पीआरओ अमन सिंह ने कहा कि सांसद  ऐसे अनर्गल आरोपो का जबाब नही देते है । कहा कि आरोप लगाने वाला छितेश्वर यादव एक अपराधी है व 307 का मुजरिम है । खेत को जबरिया नही एसडीएम बैरिया द्वारा कागजातों को देखने के बाद दिये गये आदेश पर सीओ बैरिया की देखरेख में कटवाया गया । जब प्रशासन के आदेश पर खेत काटा गया तो लूट कैसी ? इस सबके विषय मे पूरी जानकारी एसडीएम बैरिया व सीओ बैरिया दे देंगे । बार-बार रिक्वेस्ट करने के बावजूद भी पीआरओ द्वारा सांसद से बात नही करायी गयी , जिससे सांसद का बयान नही लग पाया है । अगर बात हो जाती तो संभव है कि सांसद भी आरोपों के खिलाफ दस्तावेज/आदेश प्रस्तुत करते ।

    जिलाधिकारी भी बयान देने से कतराये और जब इस प्रकरण में जिलाधिकारी बलिया से बयान देने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि यह प्रकरण मेरे संज्ञान में नही है । जब कहा गया कि अभी गुरुवार को ही पीड़ित ने आपको पत्रक दिया है तो डीएम महोदय ने कहा कि रोज बहुत सारे पत्रक आते है, सबको याद रखना सम्भव नही है । वहीं एसडीएम बैरिया व तहसीलदार बैरिया का सीयूजी नंबर बंद मिला। इस संबंध में पूरी जानकारी के लिये एसडीएम बैरिया व तहसीलदार बैरिया के सीयूजी नम्बरो पर शुक्रवार व शनिवार दोनो दिन कई बार कॉल की गई लेकिन हर बार सीयूजी बन्द मिला। जिस कारण से इस विवादित प्रकरण की असलियत से पर्दा नही उठ पाया।

    आसिफ जैदी
    आई एन ए न्यूज़ बलिया

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.