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    योगी सरकार सख्त- यूपी में 6.53 लाख शिक्षकों के दस्तावेज की होगी जांच


    योगी सरकार सख्त- यूपी में 6.53 लाख शिक्षकों के दस्तावेज की होगी जांच


    (उत्तर प्रदेश में कस्तूरबा गांधी विद्यालय से लेकर बेसिक शिक्षा विभाग में भर्ती का फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। ऐसे में सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी में सभी शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच कराने के आदेश दिए हैं। इसके लिए एक टीम गठित की गई है)

    राज्य मुख्यालय। बेसिक स्कूलों से लेकर कस्तूरबा विद्यालयों तक में मार्कशीट का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों में दस्तावेजों की जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने रविवार को कहा कि बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा, समाज कल्याण के तहत संचालित सभी स्कूलों और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच के लिए टीम बनाई जाए। जो डिफॉल्टर्स मिलें उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। इन सभी संस्थानों में करीब 6.53 लाख शिक्षक तैनात हैं। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी नियुक्तियों को लेकर एसआईटी और एसटीएफ पहले से ही जांच कर रही हैं।

    गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी बेसिक, माध्यमिक तथा उच्च शिक्षण संस्थानों, समाज कल्याण विभाग के विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच के लिए एक 'डेडिकेटेड टीम' बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि योगी ने यह भी कहा कि अगर कहीं पर भी कोई व्यक्ति फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी करता हुआ पाया जाए तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।

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    बेसिक शिक्षा में शुरू हुई प्रक्रिया...

    बेसिक शिक्षा विभाग में मानव संपदा पोर्टल के जरिए दस्तावेजों की जांच शुरू हो चुकी है। इसके लिए नोडल अफसर भी बनाए गए हैं। सभी शिक्षकों की सर्विस बुक व मार्कशीट अपलोड कर दी गई है। महानिदेशक, स्कूली शिक्षा विजय किरन आनंद ने कहा है कि 25 जून तक शिक्षकों को अपनी सर्विस बुक और दस्तावेजों का सत्यापन करना होगा, ताकि अगर कोई गलती हो तो उसे ठीक किया जा सके। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भी दस्तावेजों की जांच को कहा गया है। इसके बाद सभी के शैक्षणिक दस्तावेजों की अलग से जांच करवाई जाएगी.

    अनामिका शुक्ला की फर्जी मार्कशीट पर कई कस्तूरबा विद्यालयों में तैनाती का मामला आने के बाद वहां भी दस्तावेजों की जांच शुरू हो चुकी है। कस्तूरबा विद्यालयों में पढ़ाने वाले और गैर-शैक्षणिक स्टाफ के दस्तावेजों की जांच करने के निर्देश बेसिक शिक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं। उन्हें 26 जून तक रिपोर्ट देने को कहा गया है।


          अतुल कपूर
            यूपी हेड
    आईएनए न्यूज़ एजेंसी

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