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    ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने साइबर सेल की मदद से 4 हैकर्स को किया गिरफ्तार


    ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने साइबर सेल की मदद से 4 हैकर्स को किया गिरफ्तार


    रामपुर।  यूपी के रामपुर में  साइबर सेल लगातार  ऑनलाइन हैकर्स पर कड़ी नजर बनाया हुआ है जो हैकर्स  बैंको के खातों पर नजर बनाए रखा है जब भी कोई व्यक्ति ऑनलाइन शॉपिंग करता है तो यह हैकर्स अपने तेज दिमाग और हुनर के मदद से उसके यूजर पासवर्ड को हैक कर लेते हैं और उसके बाद उसी यूजर पासवर्ड को यूज़ करके  ऑनलाइन शॉपिंग कर हजारों लाखों रुपए का चूना लगा देते हैं ताजा मामला रामपुर से सामने आया है जहां पर कोतवाली मिलक पुलिस ने चार ऐसे शातिर है हैकर्स गैंग को  गिरफ्तार किया है जिसमें से एक मास्टर माइंड कंप्यूटर साइंस का छात्र है और वेब डिजाइनर भी है जो पूरे तरीके से प्लानिंग के साथ पलक झपकते ही खाताधारकों के खाते को हैकिंग कर उनके लाखों रुपए उनके खातों से उड़ा लिया करता है इस मामले में पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है उनके कब्जे से लैपटॉप ओर मोबाइल एक कार शॉपिंग किया गया सामान और नगदी बरामद कर ली है पुलिस के मुताबिक 17 लाख की नगदी इन लोगों के खाते मे।

    मिलक क्षेत्र में एसबीआई बैंक के खाता धारकों के खातों से बिना ओटीपी व बिना मोबाइल संदेश के रकम उड़ाने का मामला काफी चर्चित था इस मामले में पीड़ितों ने एसबीआई बैंक के काफी चक्कर काटे लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला हार कर पीड़ितों ने कोतवाली मिलक में रिपोर्ट दर्ज करा कर रकम वापस दिलाने को पुलिस से गुहार लगाई मंगलवार को मिलक  पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय पर प्रेस वार्ता करते हुए रामपुर एसपी शगुन गौतम ने बताया कि पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह को गिरफ्तार किया है जिनके कब्जे से कुछ नगदी ऑनलाइन खरीदा गया सामान बरामद किया गया है ऑनलाइन खरीदा गया सामान की कीमत लगभग साड़े ₹800000 लाख बताई जा रही है ऑनलाइन ठगी को अंजाम देने वाला मास्टरमाइंड विजयंत पटेल कंप्यूटर साइंस का छात्र है और वह वेब डिजाइनिंग कभी कार्य करता है जो अपने साथियों की मदद से एसबीआई के उन खातों को निशाना बनाता था जिनके आईडी पासवर्ड अक्सर खाताधारक नहीं बदलते थे यह लोग उन खातों से उन्हीं की रकम निकालते थे जिनका ओटीपी जनरेट नहीं होता है इस रकम को यह लोग विभिन्न मर्चेंट  साइडसस के ई वायलेट में डालते थे और ऑनलाइन शॉपिंग किया करते थे इस गैंग ने अभी तक करीब 30-40 खातों से 18 से 2000000 लाख रुपए निकाले हैं वर्तमान में गैंग के खातों में करीब 17 लाख जमा है मंगलवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

    ऑनलाइन फ्रॉड से कैसे बचें ...


    कभी भी किसी को अपनी बैंक डिटेल ना दें बैंक के कस्टमर केयर एग्जिट फोन या ईमेल पर आपकी पर्सनल जानकारी नहीं मांगते गेर विश्वसनीय साइडों पर अपनी निजी जानकारी ना डालें किसी से अपना बैंक का डेबिट पासवर्ड विदाउट अकाउंट नंबर शेयर ना करें हर कुछ महीनों के बाद पासवर्ड बदलते रहें किसी और का बताया पासवर्ड ना बनाएं किसी और ओटीपी शेयर ना करें डेबिट कार्ड को शॉपिंग कर रहे हो तो अपने फोन नेटवर्क से ही दी गई जानकारी का इस्तेमाल ना करें पब्लिक वाईफाई जानकारी का लेन-देन रसीद जरूरत लेले ऑनलाइन शॉपिंग के बाद अपना स्टेटस चेक करें ऑनलाइन फ्रॉड हो जाते हैं तो क्या करें देश आरबीआई के मुताबिक अगर आप फ्रॉड का शिकार हुए हैं तो आपको अपने बैंक की 3 दिन के भीतर इसकी जानकारी देनी होगी इसके बाद बैंक मामले की जांच करेगा और देखेगा कि पैसा आपकी गलती के कारण किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर हुआ है या आपके साथ धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं या फिर किसी ने आपके अकाउंट से पैसा निकाल लिया है अगर आप साइबर फ्रॉड का शिकार हुए हैं तो बैंक चोरी हुए पैसों की भरपाई करेगा लेकिन यह भरपाई कुछ शर्तो के आधार पर होगी। 

    सबसे पहले अपने अकाउंट कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग को बंद कराएं इसके बाद पुलिस में फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराएं साथ ही ऐसे मैसेज लिंक आपकी जो व्हाट्सएप और ईमेल पर आए उसको ना खोलें अगर आपने भूले से ही उसको क्लिक कर दिया तो आपकी बैंक की सारी डिटेल आपकी पर्सनल डिटेल है कर जान लेंगे और आपके बैंक में पड़े जितने भी रकम है वह सब निकाल लेंगे इसलिए आप सचेत रहें सावधान रहें सुरक्षित रहें। 


    हारून पाशा

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