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    पलवल के गाँव में फौजी लाते हैं पीने का पानी, 02 महीने से आ रहा पीने का पानी


    पलवल के गाँव में फौजी लाते  हैं पीने का पानी, 02 महीने से आ रहा पीने का पानी


    पलवल।  जिले के गाँव गढ़ी पट्टी में इस गाँव के एक नौजवान ने कारगिल की लड़ाई में देश के लिए साहदत थी और उसी शहीद की प्रेरणा से इस समय जिले के गावों में सबसे जायदा नौजवान देश की सेवा करने के लिए आर्मी में हैं लेकिन जो भी फौजी घर छुट्टी आता है वह गाँव में पीने के लिए दिनभर पानी ढोता है । आपको इसका नजारा जिले के गाँव गढ़ी पट्टी में देखने को मिलेगा ।इस गाँव में गाँव के फौजी और महिलाऐं दिनभर पिने के लिए पानी लाते हैं । गाँव के  फौजियों ने और महिलाओं ने कहा की गाँव में लगभग 2 महीने से  पिने का पानी नहीं आ रहा है और वह दिनभर बैंकों पर ट्रेक्टरों पर और सरों पर  पानी लाते हैं । उन्होंने कहा की कई बार अधिकारीयों से इस बारे में कहा लेकिन कोई सुनाई नहीं करते हैं । उन्होंने कहा की पैसे से भी टेंकरों द्वारा पानी मंगवाया जाता है ।

    वीओ-जहाँ देश का नौजवान देश की सेवा करने के लिए फौज में लगता है लेकिन जब वह फौज से छुट्टी आता है और घर पर उसको पिने का पानी कई कई किलोमीटर दूर से लाना पड़े तो क्या फौजी घर में छुट्टी आना चाहेगा । ऐसा ही एक नजारा आपको पलवल जिले के गाँव गढ़ी पट्टी में दिखाते हैं । जिले के इस गाँव में दूसरे गावों से जायदा नौजवान देश की सेवा करने के लिए आर्मी हैं । लेकिन इस गाँव में लगभग दो महीने से पिने का पानी नहीं आ रहा है जिस वजह से आर्मी से छुट्टी आ रहे फौजियों को भी कई कई किलोमीटर दूर यु पी की सीमाओं से पिने का पानी लाना पड़ रहा है । इतना ही नहीं गाँव के दूसरे नौजवान और गाँव की महिलाऐं व छोटे छोटे बच्चे दिनभर बाइकों पर ,ट्रेक्टरों से और सरों से कई कई किलोमीटर दूर से पिने का पानी लाते हैं । जब इस बारे में पानी ला रहे फौजियों से और महिलाओं से बात की तो उन्होंने कहा की वह फौज में देश की सेवा करते हैं और घर पर परिवार की सेवा करते हैं क्यों की गाँव में पिने का पानी नहीं है । 

    लगभग दो महीने से गाँव में पिने का पानी नहीं आ रहा है जिस वजह से उनको पानी लाना पड़ता है यह कहना है एक फौजी का । गाँव की महिलाओं ने कहा भी वह दिनभर इस गर्मी में सरों से पानी ढोती हैं जिस वजह से वह बहुत परेशान हैं उनकी कोई सुनने वाला नहीं है । उन्होंने कहा की वह पैसे से बभी पानी का टेंकर मगवाते हैं क्यों की पशुओं को कहाँ से पिलाएं और नहाने के लिए भी पैसे से पानी मगवाना पड़ता है। छोटे छोटे बच्चे भी दिनभर सरों पर पानी लाते हैं । यह हाल है जिले के इस गाँव का जहाँ इस गाँव के एक नौजवान ने कारगिल की लड़ाई में अपनी साहदत भी दी थी।  जिसका नाम है लास नायक शहीद राजवीर सिंह इसी शहीद की प्रेरणा  से इस गाँव के नौजवान आर्मी में जाते हैं लेकिन उसके बाद भी इस गाँव की यह दसा है जहाँ पर पिने का भी पानी नहीं है।

    पलवल से ऋषि भारद्वाज की रिपोर्ट  

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