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    कोविड -19 महामारी तथा अर्थव्यवस्था – एक सुझाव



    कोविड -19 महामारी तथा अर्थव्यवस्था  – एक सुझाव
                                                                                                       
    लखनऊ वैश्विक संकट के साथ साथ हमारे देश में भी आर्थिक एवं मानवीय संकट गहरा गया है। कोविड-19 के कारण आज पूरी दुनिया भयावह मानवीय त्रासदी से गुजर रही है। आज हजारों लोग देश में इस कोविड-19 वायरस से संक्रमित हैं। कोरोना संक्रमण के फैलाव की कड़ी को तोड़ने के लिए देश भर में लॉकडाउन का सहारा लिया गया है। वर्तमान समय में इससे उपयुक्त कोई अन्य उपाय नहीं है। महामारी के कारण एक तरफ बहुत सारे लोगों के मन में कहीं-न-कहीं एक नकारात्मक सोच भी जन्म ले रही है साथ ही साथ लोगों को संक्रमण, बेरोजगारी और आर्थिक तंगी जैसी आशंकाएं भी सता रहीं हैं।


     साथ ही उन्हें कई तरह के आर्थिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है | सरकार जानती है कि लॉकडाउन इस समस्या का पूर्ण समाधान नहीं है एवं इसे हमेशा के लिए नहीं लगाया जा सकता है। इस समय सरकार को कोविड-19 से जनता को बचाने के साथ साथ अर्थव्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए सभी कार्यालयों एवं बाज़ारों को खोलना भी एक चुनौती बनी हुई है। इन समस्याओं के निवारण हेतु सरकार पूरी तरह से लगी हुई है इसमें किसी भी प्रकार का संदेह नहीं है। सरकार समय समय पर दिशा निर्देश भी जारी कर रही है। इसी क्रम में सरकार ने लॉकडाउन 3.0 में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकारी, अर्ध सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों को 33% कर्मचारियों के साथ खोलने के आदेश सशर्त (जैसे सामाजिक दूरी, कार्यालयों का सेनीटाईजेशन एवं समय समय पर हाथ धोना इत्यादि) दिये हैं। 
    इसी क्रम में सरकार से हमारा अनुरोध एवं कुछ सुझाव भी हैं जोकि व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने में मदद करेंगे। 
    सुझाव 1.- सभी कार्यालयों को 3 क्लस्टर में बाँट दिया जाये सरकारी, अर्ध सरकारी, गैर सरकारी। तीनों क्लस्टर के अंतर्गत आने वाले कार्यालयों को 20 मिनट के अंतराल पर खोले जाएँ। सबसे पहले सरकारी कार्यालय सुबह 9:00 बजे, अर्ध सरकारी 9:20 बजे और गैर सरकारी कार्यालय 9:40 बजे खोले जाएँ एवं नियमानुसार समय सारणी के अनुसार ही 20 मिनट के अंतराल पर बंद भी किए जाये। इससे यह फायदा होगा कि रोड पर सामाजिक दूरी बनी रहेगी, जाम नहीं लगेगा जिससे ट्रैफ़िक सुचारु रूप से चलेगा एवं भविष्य में प्रदूषण भी नियंत्रण में रहेगा। पुलिस को भी सामाजिक दूरी का पालन कराने में भी दिक्कतों का सामना कम करना पड़ेगा। जब कार्यालय 20 मिनट के अंतराल पर बंद होंगे तब कर्मचारी लोग अपने दैनिक खरीद के कार्यों जैसे सब्जी खरीदने एवं अन्य घरेलू सामानों को निपटाने के लिए अन्य विभाग के कर्मचारियों से लगभग 20 मिनट का अंतराल भी मिलेगा जिससे बाज़ारों में भी सामाजिक दूरी बनी रहेगी। 

    सुझाव 2- वैश्विक  महामारी में कब तक लॉकडाउन में बाजार बंद कर सकते है अगर ऐसे बाजार बंद रहे तो हमारे देश में महामारी की समस्या के साथ ही आर्थिक समस्या भी आने लगेगी । बाज़ारों को खोलना भी अतिआवश्यक है। सरकार ने अतिआवश्यक वस्तुओं (जैसे किराने की दुकान और मेडिकल स्टोर) की ख़रीदारी हेतु दुकान खोलने के आदेश दिये हैं एवं यह अपने समय से ही दुकान खोलें। इसके अलावा जो गैर आवश्यक वस्तुओं की दुकान हैं उनके खुलने का समय 10:30 बजे यदि रखा जाये एवं बंद होने का समय 7:00 के बाद का रखा जाये तो लोगों के बीच सामाजिक दूरी बनी रहेगी। दुकानों को भी दो क्लस्टर में तोड़ दिया जाये जैसे लोगों के शरीर पर धारण करने संबन्धित सामानों (वस्त्र, आभूषण, जूतों एवं चप्पलों), बर्तनों की सभी दुकाने हफ्ते में तीन दिन खुलेगी सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार, इसके अलावा शेष दुकाने (जैसे इलेक्ट्रोनिक, इलेक्ट्रिकल एवं अन्य दुकानें) मंगलवार, व्रहस्पतिवार एवं शनिवार को खोलें। जिससे लोगों के मध्य सामाजिक दूरी बनी रहेगी । इसमें दूकानदारों के साथ साथ व्यापार मण्डल को भी सम्मिलित करना होगा। जब किसी भी कार्य में जनता को सीधे सम्मिलित किया जाता है तो जागरूकता ज्यादा फैलती है। व्यापार मण्डल का कार्य होगा समय समय पर निरीक्षण करते रहें कि सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा निदेशों का पालन सभी दुकानदार पालन कर रहे हैं कि नहीं जैसे हाथों में दस्ताने धरण करना, चेहरे पर मास्क एवं दूकानों का सेनीटाईजेशन इत्यादि।

    यह महामारी सदैव नहीं रहने वाली है इस संकट की घड़ी में हमें एक दूसरे का साथ दूरी बनाकर देना होगा। जनता से यह अनुरोध है कि सरकार का साथ सरकार के द्वारा दिये गए दिशा निर्देशों का पालन करके दें।

    डॉ. अंशु दीक्षित लखनऊ

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