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    सावधान- कहीं ये लापरवाही भयंकर तबाही का सबब न बन जाये



    सावधान- कहीं ये लापरवाही भयंकर तबाही का सबब न बन जाये

    देश के बड़े शहरों दिल्ली, गुड़गांव, मुम्बई, सूरत में रोजीरोटी की तलाश में गए मजदूरों का बड़ी संख्या में यूपी के अपने गांवों में आना लगातार जारी है। ऐसे में पता चला है कि बाहर से यूपी के गांवों में पहुंच रहे इन लोगो की न तो जांच हो रही है और न ही उन्हें क्वारंटीन किया जा रहा है। 


    पुलिस प्रशासन की लापरवाही की यदि यही स्थिति रही तो वह दिन दूर नही जब कोरोना महामारी का सबसे भयावह रूप गांवो में ही देखने को मिलेगा और इस महामारी पर नियंत्रण कर पाना असंभव हो जाएगा।

    आज संपूर्ण विश्व मे कोरोना वायरस महामारी से भयंकर तबाही देखने को मिल रही है। इस महामारी के आगे दुनिया के बड़े बड़े देश भी बेबस नजर आने लगे हैं। ऐसे हालात में मुंबई और दिल्ली में कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप से डरे सहमें लोगों के सब्र का बांध टूट गया तो उन्होंने गांवो की तरफ रुख कर लिया है। हजारो की संख्या में मजदूर पैदल, साइकिल, ट्रक, टैंपो, ऑटोरिक्शा, ठेला आदि से जैसे तैसे गांव भागे जा रहे हैं। साथ ही सरकार द्वारा स्पेशल ट्रेनों, बसों से भी इन्हें पहुंचाया जा रहा है।

    आजकल ऐसे भी हृदयविदारक दृश्य देखने को मिल रहे हैं जब लोग गांव पहुंचने की जद्दोजहद में बेदम होकर रास्ते में ही दम तोड़ दे रहे हैं। बच्चे, बूढ़े, गर्भवती महिलाएं सैकड़ो की संख्या में जल्द से जल्द अपने गांव पहुंच जाना चाहते हैं। 

    चिंता की बात यह है कि बड़ी संख्या में शहरों से गांव पहुंच रहे लोगो के लिए प्रशासन के पास न तो जांच की कोई सुविधा हैं और न ही उन्हें क्वारंटीन करने की कोई समुचित जगह, जिसके चलते  थके हारे प्रवासी मजदूर बिना किसी जांच  के सीधे अपने घरों को चले जा रहे है। जो कि देश के लिए एक बड़ी आपदा का कारण बन सकता है।

    समय रहते यदि प्रशासन ने कोई ठोस कदम नही उठाया तो गांवो को मरघट बनने में देर नही लगेगी। यूपी में ऐसे अधिकांश जिले हैं जहां सरकार द्वारा अभी तक कोरोना टेस्ट की कोई समुचित व्यवस्था नहीं हो पाई है। जिस जिले में एक भी जांच लैब या वेंटीलेटर न हो वहां स्थिति अनियंत्रित होने पर कोरोना मरीजो  का इलाज कैसे होगा? यह एक बड़ा सवाल है।

    इस समय काफी संख्या में मजदूर दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात व अन्य राज्यों से यूपी में आ रहे हैं । कुछ चोरी-छिपे आ रहे हैं तो कुछ ट्रेन से आ रहे हैं, कुछ बसों से तो कुछ निजी साधनों से गांव में पहुंच रहे हैं। नियमानुसार उन्हें अपने घरों में 24 दिनों तक होम क्वारंटीन रहना होता है परन्तु यहाँ के लोगों में जागरूकता की भारी कमी देखने को मिल रही है। साथ ही प्रशासन भी नियमों का पालन कराने में असफल साबित हो रहा है।

    ऐसी शिकायतें लगातार आ रही है कि लोग बिना जांच के ही क्वारंटीन न होकर सीधे अपने घरों में पहुंच जा रहे हैं। जिससे उनके परिवार के अन्य सदस्यों में भी कोरोना संक्रमण का बहुत खतरा है साथ ही पूरे गांव में कोरोना के तेजी से फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

    गौरतलब है कि इस संक्रमण को रोकने के लिए अति आवश्यक है कि जो लोग बाहर से आ रहे हैं वह हर हाल में 24 दिन के लिए होम क्वारंटीन ही रहें। पुलिस की यह जिम्मेदारी है कि वे प्रतिदिन गांवों में भ्रमण कर जाँच करें और सुनिश्चित करें कि गांव में जो लोग बाहर से आए हैं वह होम क्वारंटीन है अथवा नहीं। 

    यदि समय रहते इस लापरवाही को न रोका गया तो यूपी के गांवों को शमशान बनते देर नहीं लगेगी और अमेरिका आदि देशों की ही तरह हम सब भी इस महामारी के आगे बेबस और लाचार होकर रह जाएंगे।

    संजय राजपूत
    रीजनल एडिटर गोरखपुर

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