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    कोरोना काल में बच्चो का पौष्टिक आहार



    कोरोना काल में बच्चो का पौष्टिक आहार


    आज   हमारा  देश  ही  नही  अपितु  पूरा  विश्व  वैश्विक  महामारी  की  चपेट  में  है । जहाँ  एक  और      प्रकृति  ने  अपने  आपको  शुद्ध  किया  है, वही  मनुष्य  का  शरीर  भी   अपने  आप  शुद्ध  हो  गया  है।


    जो  लोग  हर  हफ्ते  जंक  फ़ूड  का  सेवन  करते  थे  असल  में  आज   उसकी  उपलब्धता  नहीं  के  बराबर  है, हर  व्यक्ति  घर  का  बना  शुद्ध  भोजन  ही  खा  रहा  है। जिससे  हर  व्यक्ति   के  शरीर  का  डेटोक्सिफिकेशन  हो  गया  है। इसमें  सभी  महिलाओं  का  बहुत  बड़ा  योगदान  है  की  वह  पौष्टिक  भोजन  के  साथ  साथ  विविध  तरह  के  व्यंजन  बनाकर  खिला  रही  है । इसका  पता  इस  बात  से चलता  है  की  व्हाटसअप्प  ग्रुप  हो  या  सोशल  मीडिया  हर  तरफ  घर  में  बने  लज़ीज़  व्यंजनों  की  बहार  है ।

    इस  लॉक  डाउन   के  समय  में  एक  बात  स्पष्ट  है  की  मनुष्य  यदि  चाहे  तो  सिमित  संसाधनों  में  भी  अपना जीवनयापन  कर  सकता  है  और  वो  कोई  भी  रेसिपी  बना  के सभी  को  खुश  रख  सकता  है ,  इस  कठिन  समय  में  सबसे  बड़ी  चुनौती  है  बच्चों  की  फरमाइशें   पूरी  करना।
    बच्चों  की   बढाती  उम्र  में  उन्हें  स्वादिष्ट  भोजन  के  साथ  साथ  पौष्टिक  भोजन  की  भी  आवश्यकता  होती  है । बच्चों  के  भोजन  में  प्रचुर  मात्रा  में  प्रोटीन, कार्ब्स , कैल्शियम , आयरन , विटामिन  A और  C होने  चाहिए ।


    दूध  , दही , मठ्ठा, पनीर  और  दालें प्रोटीन  का  सबसे  अच्छा  श्रोत है। बच्चों  के  लिए  कुछ नयी  रेसिपी  आसानी  से  दूध  से  तैयार  की  जा  सकती  है जैसे  मखाना  खीर  जो  प्रोटीन  के  साथ  साथ  आयरन  और  कैल्शियम  से  भी  भरपूर  है, सफ़ेद (स्पंज) रसगुल्ला  भी  आसानी  से  छेना  द्वारा  तैयार  हो  जाता  है , मिल्क  केक , साबूदाना   खीर । इसके  अलावा  राजमा  के परांठे , बेसन  का  चीला चने  और  कच्चे  केले  के कबाब  स्वाद  और  पोषण  दोनों  से  भरे  है  क्योंकि  इसमें  आयरन  और  फोलेट  भी  पाया  जाता  है ।
    कार्ब्स  सभी  तरह  के   अनाज  में  पाया  जाता  है । शायद  कोई  ही  बच्चे  जिन्हे  केक  पैन  केक  और  पास्ता  ना पसंद  हो । केक  में  हम  मैदा  की  जगह  ओट्स  और  गेहूं  का  आटा   इस्तेमाल  करके  उसे  और  पौष्टिक  बना  सकते  है । इसी  तरह   मठरी , नमकपारे  और  समोसे  बनाने  में  भी  गेहू  का   आटा  प्रयोग  कर  सकते  है ।

    अब  बारी   आती  है  रोग  से लड़ने  की  क्षमता  बढ़ने  की  जिसे  हम  इम्युनिटी  कहते  है । हम  कह  सकते  है, “जिसमे  है  इम्युनिटी  भरपूर, रोग  है  उससे  कोसों  दूर ”। इम्युनिटी बढ़ाने   का  सबसे बढ़िया  स्रोत  है  विटामिन  C  जो कि  निम्बू, टमाटर , अमला, अदरक  और  संतरा  में  पाया  जाता  है । हर  घर  में  निम्बू  अदरक  और  टमाटर  आसानी  से  मिल  जाता  है , तो  बच्चों  को  टमाटर  का सूप  दीजिये  अदरक  के  रस  के  साथ, निम्बू  की  शिकंजी  के  साथ  ही  आइस- टी   जो  हर  बच्चे  को  पसंद  होती  है  और  जो  आसानी  से  घर  में  बनाई  जा  सकती  है  , एक  बड़े  बर्तन  में  पानी  , थोड़ा  गुड़ , अदरक  और  थोड़ी  चाय  पट्टी  दाल  कर  पानी  उबाल  ले , ठंडा  होने  पर  निम्बू  का  रस  मिला दे  बच्चों  को  ठंडा  सर्व  करें ।

    बच्चो के भोजन में पौष्टिक आहार की मात्रा बढ़ानी होगी। शुद्ध आहार ले,शुद्ध मसाले खाये। आंवला एलोवेरा ,गिलोय , काली मिर्च ,लौंग आदि का इस्तेमाल ज्यादा करे । फ़ास्ट फ़ूड , पिज़्ज़ा  बर्गर कोल्ड ड्रिंक  को करे बाय बाय। आज के कोरोना काल में  जंक फ़ूड को भूलना होगा  जो नहीं भूलेगा वो  मुश्किल में आजायेगा ।
    ज्यादा  से  ज्यादा  घर  में  रहें  , साफ़  सफाई  का  ध्यान  रखें  और  इम्युनिटी  बढ़ाएं , इन्ही  तरीकों  से  हम  कोरोना  से  लड़  सकते  है  और  हरा  भी  सकते  हैं।

      
    नीति मिश्रा
    Nutritionist
    LUCKNOW

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