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    जिले में पहली बार 50 गांवों में औषधीय वाटिका/उद्यान लगाने का काम भी किया जाएगा


    जिले में पहली बार  50 गांवों में औषधीय वाटिका/उद्यान लगाने का काम भी किया जाएगा


    पलवल ।  पलवल में वन विभाग इस वर्ष डेढ़ करोड़ रुपए खर्च करके जल संरक्षण तथा पर्यावरण एवं लोगों की सेहत सुधारने का काम करेगा। जिसके लिए एक लाख दस हजार पौधों का रोपण तथा लगभग सवा दो लाख पौधों का सरकार की अन्य स्कीमों के तहत डिस्ट्रीब्यूशन करके पौधारोपण कराने का काम करेगा।  जिले में पहली बार  50 गांवों में औषधीय वाटिका/उद्यान लगाने का काम भी किया जाएगा।

     वन विभाग पलवल ने वर्ष 2020- 21 के बरसाती सीजन के लिए अभी से कमर कस ली है। इसके लिए जिले की होडल- पलवल तथा भिडूकी गांव की अपनी नर्सरीयों में 323000 पौधे तैयार किए गए हैं।जिनमें अर्जुन,आम,पीपल,बड़, शीशम,सिरस,सोंजना,नीम,पापड़ी,जामुन तथा विल्लो तथा सत्पत्ति के पौधे प्रमुख हैं | पलवल डिविजन के वन अधिकारी दीपक पाटिल ने बताया की वन विभाग की तीनों नर्सरियों में रोपे  और तैयार किये गये तीन लाख तेईस हजार पौधों में से एक लाख दस हजार (110000)  पौधों का विभाग अपने हाथों से रोपण करने का काम करेगा। उन्होंने बताया की  विभाग की अपनी जमीन नहीं होने के कारण दो गांवों में पच्चीस-पच्चीस हैक्टेयर जमीन ली गई है जहां पर प्रति हेक्टेयर पांच सौ  पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही सड़कों  तथा नहरों के किनारे पौधों का रोपण किया जाएगा। वी/ओ  2  जिला वन अधिकारी दीपक पाटिल ने यह भी बताया कि इस बार बरसाती सीजन के लिए जिला प्रशासन की मांग पर  90000 पौधे पौधागिरी कार्यक्रम के तहत कक्षा छह से दस तक के विभिन्न स्कूली बच्चों में  मुफ्त में बांटे जाएंगे। साथ ही साथ जल शक्ति अभियान के तहत जिले के प्रत्येक गांव के पंचायत को 400 से 500 पौधे निशुल्क दिए जाएंगे।वी/ओ  3  उन्होंने बताया कि इस बार कोविड-19 को देखते हुए प्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में 11 सौ पंचायतों में औषधीय वाटिका बनाने का प्रावधान किया गया है। जिसके तहत पलवल के 50 गांवों में औषधीय पौधों की वाटिकाऐं लगाई जाएंगी। इन वाटिकाओं में इस तरह के लगभग 25 प्रकार के औषधीय पौधे लगाए जाएंगे जिनकी छाल –बीज अथवा पत्तों के सेवन अथवा काढ़ा बनाकर के इस्तेमाल करने से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। उन्होंने बताया की औषधीय वाटिका के लिए पांच पांच गांवों के पांच-पांच एकड़ भूमि के कलस्टर बनाए जाएंगे। इस प्रकार कोशिश रहेगी इसीलिए मैं अधिक से अधिक पौधारोपण करके यहां के पर्यावरण और भूमि जल संरक्षण में उपयोगी काम किया जाए। 

    पलवल से ऋषि   भारद्वाज की रिपोर्ट

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