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    कोरोना कहर ने किया व्यवसाय को बेदम,हर सेक्टर में देखने को मिल रहा है असर



    कोरोना कहर ने किया व्यवसाय को बेदम,हर सेक्टर में देखने को मिल रहा है असर


    आसिम अली सहसवानर स्थिति बिल्कुल उलट है। दुकानों में ताले लगें हैं  ऐसी हालत में आवश्यक सामान की दुकानों को छोड़कर सभी तरह के व्यवसाय ठप पड़ा हुआ है लॉकडाउन का असर हर सेक्टर में देखने को मिल रहा है। खुदरा व्यवसाय से लेकर थोक व्यवसाय ठप पड़ा हुआ है।डेढ़ माह से अधिक समय से दुकानों पर ताला लगे रहने से व्यवस्था  चरमरा गई है। लगन के कारोबार से जुड़े सभी व्यवसाय ठप पड़ा हुआ है। स्वर्णाभूषणों की दुकानों से लेकर धर्मशाला, मैरेज हॉल, फूल आदि का कारोबार करने वाले परेशान है।


    रिक्शा चालकों व दैनिक मजदूरो पर पढा असर

    रिक्शा चालक भी लॉकडाउन की मार झेल रहे हैं। लॉकडाउन में रिक्शों के पहिए भी ‘लॉक हो गए हैं। सैकड़ों रिक्शा चालकों के सामने रोजी के साथ रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है।
    अधिकांश काम काज ठप पडा होने के चलते ऐसे में मज़दूरी भी नही कर पा रहे रिक्शा चालक


    दूध के कारोबार पर पढ़ा असर

    लॉकडाउन होने से पशुपालकों को पशुओं के लिए खली व चोकर महंगा मिल रहा है। ऐसे में पशुपालकों को दोहरी मार पड़ रही है और पशुपालक लॉकडाउन के खुलने का इंतजार कर रहे हैं। गांव व कस्बों में मिठाई की दुकानें व प्राइवेट मिनी दूध डेयरियां जो लघु उद्योग के रुप में काम करते हुए गांव की आर्थिक स्थित की मजबूत रीढ़ का काम करती थी। आज कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते इनमें ताला लगा हुआ हैं, क्योंकि उन्हें मजदूर नहीं मिल रहें हैं। मजदूर कोरोना वायरस के संक्रमण के भय से काम करने के लिए गांव में घर से नहीं निकल रहा है।


    कुम्हार के चाक पर भी पढ़ा असर रफ्तार धीमी
    कुम्हारों के धंधे पर कोरोना वायरस का ग्रहण लग गया है। इस बार देसी फ्रिज आदि मिट्टी के बने बर्तन की बिक्री नहीं है  कुम्हारों ने बताया कि अमूमन हर साल अप्रैल मई महीने की शुरुआत में मटकों की अच्छी खासी बिक्री शुरू हो जाती थी। लेकिन इस साल ऐसा नहीं हो रहा है। लॉकडाउन की वजह से बिक्री पर काफी असर पड़ा है। हर साल कुम्हार गर्मी सीजन के लिए दीपावली के बाद से तैयारी शुरू की  लेकिन जब घड़ा बिकने का वक्त आया तब कोरोना लॉक डाउन ने घड़ों की बिक्री में ब्रेक लगा दिया। 


    होटल व रेस्टोंरेंट पर भी पड़ा प्रभाव
    लॉक डाउन से होटल सेक्टर को झटका लगा है  लॉकडाउन से पहले से होटलों में लोगों का आना कम हो गया था। वहीं लॉकडाउन के बाद भी इस सेक्टर को छूट मिलने की उम्मीद नहीं है। छूट मिलने की स्थिति में भी लंबे समय तक इस सेक्टर का व्यवसाय प्रभावित रहने के आसार है। अनुमान के मुताबिक लॉकडाउन हटाए जाने के बाद भी कम से कम छह माह तक इस सेक्टर में मंदी छाई रहेगी। जिससे रेस्टोरेंट व ढाबा व्यवसाय भी बुरी तरह प्रभावित होगा।

    आसिम अली सहसवान

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