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    राम जन्मभूमि परिसर में कार्यशाला के लिए 2 एकड़ भूमि मांगी



    राम जन्मभूमि परिसर में कार्यशाला के लिए  2 एकड़ भूमि मांगी


    अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या में बहुप्रतीक्षित राम मंदिर निर्माण मे कोरोना के चलते कार्य शिथिल हो गया था किंतु अब कुछ कार्य चल रहा है बैरिकेडिंग को हटाकर समतलीकरण का कार्य जेसीबी मशीन से हो रहा है। भगवान श्रीराम को  अस्थाई मंदिर में स्थापित कर दिया गया है।  ऐसे में मंदिर निर्माण की राहें  अब आसान हो रही है ।आशा है कि लॉक डाउन समाप्त होते ही कार्य प्रगति तेजी से होने लगेगा। कोरोना वायरस के कारण धीमी गति से राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण को लेकर भूमि के समतलीकरण का कार्य किया जा रहा है। जिसके लिए परिसर में जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं और लॉक डाउन समाप्त होते ही मंदिर निर्माण की गति तेज कर दी जाएगी, जिसके लिए राम मंदिर ट्रस्ट परिसर के अंदर ही कार्यशाला खोलने की तैयारी में है।


    लॉक डाउन समाप्त होते ही मंदिर निर्माण का कार्य तेज गति से शुरू करने के लिए राजस्थान, गुजरात से सैकड़ों की संख्या में मजदूरों को लगाया जाएगा। लेकिन उसके पहले मंदिर निर्माण के लिए पत्थरों की साफ-सफाई व अन्य पत्थरों की तरासी के लिए राम जन्मभूमि परिसर में कार्यशाला खोले जाने की तैयारी है। जिसके लिए परिसर में ही 2 एकड़ भूमि को आरक्षित किया जाएगा। परिसर में कार्यशाला को शुरू करने के लिए राम मंदिर मॉडल के आर्किटेक्ट सी पी सोनपुरा भी लॉक डाउन के बाद अयोध्या पहुंचेंगे । जब कि वर्तमान समय रामजन्मभूमि परिसर में मंदिर निर्माण की भूमि के साफ-सफाई व समतलीकरण के लिए जेसीबी मशीन लगाई गई है जिसके बाद उस स्थल पर फाउंडेशन तैयार किया जाएगा। ट्रस्ट के मुताबिक मंदिर निर्माण के लिए 1 मंजिल का कार्य पूरा किया जा चुका है वहीं दूसरी मंदिर कार्य के लिए पत्थरों की तलाशी का कार्य किया जाना है।
    मंदिर निर्माण कार्यशाला प्रभारी के  मुताबिक राम जन्मभूमि परिसर में ही कार्यशाला खोला जाना है जिसके लिए रामघाट क्षेत्र में लगे दोनों मशीनों को कार्यशाला के अंदर स्थापित किया जाएगा साथ ही 100 से अधिक कारीगरों को एक साथ पत्थर तलाशी के लिए लगाया जाना है जिसके लिए बनने वाली कार्यशाला स्थल पर टी सेड व कारीगरों के रहने के लिए अस्थाई मकानों का निर्माण किया जाना है उनके मुताबिक इसके लिए ट्रस्ट को जानकारी दी जा चुकी है  कार्यशाला में अन्य पत्थरों की तलाशी होने से समय की बचत होगी। लाने ले जाने को लेकर टूटने का भी डर नहीं रहेगा। ऐसे में आशा है कि लाडो समाप्त होते ही श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण का कार्य प्रगत में आ जाएगा और जिसकी सबको बहुत दिनों से प्रतीक्षा है वह मनोकामना पूर्ण भी हो जाएगी।

    देश बक्श वर्मा

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