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    कोविड 19- भारतीय अर्थव्यस्था और आत्म निर्भर भारत

    कोविड 19- भारतीय अर्थव्यस्था और आत्म निर्भर भारत



    Dr (CS) Ankita Sajjan

        Lucknow



    पूरा विश्व कोविड 19 से प्रभावित हैं। विश्व की सबसे बड़ी इकोनॉमी यूनाइटेड स्टेटस भी कोरोना वायरस से ग्रसित हो रहा  है जिसके कारण उसका वार्षिक दर 4.8% पर आ चुका हैं। आज के  दौर में विकसित देश अपने आपको संभाल  पा रहे हैं , भारत एक विकासशील देश होने के बावजूद अपने आप  को कोविड 19 के परिस्थिति में भी संतुलित  बनाये रखा हैं। एक और जहा लॉक डाउन की वजह  से विश्व की अर्थव्यस्था चरमरा रही हैं वहीं भारत अपने आप को इस परिस्थिति में खड़ा रखने के लिए आर्थिक बजट, जन धन योजना, प्रधान मंत्री गरीब कल्याण,अन्न योजना,  के अंतर्गत भारत की अर्थव्यस्था और भारतीय लोगो को  आत्म निर्भर बनाने की कोशिश में जुटा पड़ा है।





    निश्चित रूप से भारतीय अर्थव्यस्था को लॉक डाउन की वजह से बहुत सारे क्षेत्रों में नुकसान हुआ है। संसोधित सकल घरेलु उत्पाद दर (जीडीपी) साल 2020 के लिए 4.8 % और साल 2021 के  लिए 6% कर दी गयी है। वर्ल्ड बैंक रिपोर्ट के अनुसार भारत आपेक्षित वृद्धि दर 1.5 % - 2.8 % और इंटरनेशनल मॉनेटरी फण्ड (IMF) के हिसाब से यह दर 1.9 % आंकलन की गयी  है।



    1930 की महामंदी के  बाद से यह अभी तक की सबसे  ख़राब   मंदी   देखी जा रही है। लॉक डाउन और कोविड पन्डेमिक  की वजह से   सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योग (MSME) हॉस्पिटैलिटी, सिविल एविएशन, कृषि और अन्य क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।आयत निर्यात जो कि भारत के विकास दर में  एक अहम् भूमिका निभाता है । चाइना पर निर्भरता के कारण वश आज बुरा प्रभाव दिखा रहा हैं, जोकि  व्यावसाय और बाजार को बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है। रासायनिक उद्योग, जहाज उद्योग, ऑटो उद्योग, वस्त्रोद्योग, सौर ऊर्जा क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक उद्योग,  पर्यटन और विमानन विभाग में नकदी प्रवाह और बहिर्वाह के कारण बुरी तरह से प्रभावित हो रहे  हैं।



    उपभोग निवेश और व्यापार आज कोविड 19 से ग्रसित हो चुके  हैं परन्तु भारत सरकार की नीतियों के अंतर्गत  काफी सुधार करने की प्रत्यन की जा रहा  है। प्रधान मंत्री जी के द्वारा दिए गए, वन्दे भारत मिशन,  जान भी और जहान भी ,और आत्म निर्भर भारत अभियान, जैसे मंत्र आज की परिस्थिति में भी हमे कोरोना वायरस से लड़ने की हिम्मत दे रहे है। इस वैश्विक महामारी में ना सिर्फ इंसानो को बल्कि देश की  अर्थव्यस्था  पर  नकारातमक प्रभाव पड़ रहा  हैं।  भारत में करोड़ो लोगो की आजीविका  कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, लघु मझोले उद्योग और MSME  पर भी निर्भर है। जिसे भारत वैश्विक चुनौतिओं का सामना करने के लिए तैयार कर रहा हैं ।







    मंगलवार (दिनाँक १२ मई २०२०)  को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भारत की अर्थव्यस्था को संजीवनी के रूप में 20 लाख करोड़ रुपये का राहत पैकेज देने का ऐलान किया था। यह पैकेज भारत देश  की  GDP के  लगभग 10 फीसदी के बराबर हैं।   केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीता रमण जी के द्वारा   आर्थिक राहत पैकेज को पांच पिलर में घोषित किया गया हैं।



    आत्म निर्भर भारत (20 लाख करोड़ का आर्थिक राहत पैकेज)



    पार्ट 1



    Ø  यम यस यम ई को 3 लाख करोड़ का लोन



    Ø  एन बी एफ सी के लिए 30 हज़ार करोड़  रुपये



    Ø  सरकारी कांट्रेक्टर को राहत



    Ø  बिजली कम्पनिओ को 90 हज़ार करोड़ रुपये



    Ø  15000 सैलरी वालो का 3 महीने और पी एफ  जमा करेगी सरकार



    Ø  कर्मचारीओ और कम्पनिओं का 3 महीने तक  12% की जगह 10% पी एफ कटेगा



    Ø  टी डी यस में 25% कटौती



    पार्ट 2



    Ø  2 लाख करोड़ रुपये  किसानो के लिए (2.5 करोड़ किसानो को फायदा )



    Ø  30,000 करोड़  रुपये  छोटे माध्यम किसानो  के लिए (3 करोड़ किसानो को फायदा )



    Ø   50 हजार रुपये रेहड़ी वालो के लिए ( ५० लाख लोगो को फायदा )



    Ø  2500 करोड़ रुपये मजदूरों  के लिए (2 महीने फ्री राशन )



    Ø  मज़दूरों को शहरों में सस्ते किराये पर मकान







    पार्ट 3



    Ø  1 लाख करोड़ रुपये कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होगा



    Ø  15000 करोड़ रुपये एनिमल हसब्रैंडी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फण्ड



    Ø  4000 करोड़ रुपये हर्बल खेती  के प्रमोशन के लिए



    Ø  500 करोड़  रुपये मधुमक्खी पालन  के लिए , 2 लाख लोगो को  लाभ



    Ø  20 हज़ार करोड़ रुपये मत्स्य संपदा के लिए ,55 लाख रोज़गार मिलेगा



    पार्ट 4



    Ø  कोल



      50 नए कोयला ब्लॉक्स  उपलव्ध कराएँगे



     कोल माइनिंग इन्फ्रस्टरक्चर के लिए 50 हजार करोड़ रुपये



      पारदर्शी ऑक्शन के द्वारा 500 माइनिंग  ब्लॉक उपलब्ध कराएंगे



    Ø  अंतरिक्ष



      प्राइवेट सेक्टर को शामिल करेंगे



      स्टार्ट अप  ईकोसिस्टम को न्यूक्लियर सेक्टर से जोड़ेंगे



      निजी कंपनियों को इसरो की सुविधाएं दी जाएगी



    Ø  रक्षा



      हथियारों के इम्पोर्ट पर रोक लगाएंगे



      क्वालिटी के साथ घेरलू प्रोडक्शन बढ़ाएंगे



      एफ डी आई लिमिट 49% से बढ़ाकर 74%



      आर्डिनेस फैक्ट्री बोर्ड का कोर्पोरटाइज़ेशन



    Ø  एयरस्पेस



      एयर स्पेस  का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल



      पी पी पी पर 6 नए  एयर स्पोर्ट की नीलामी



    Ø  पावर



      स्मार्ट प्री पेड मीटर लगाए जायेंगे



      डिस्कॉम को पर्याप्त बिजली देनी होगी



      सोशल  इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 8100 करोड़ रुपए











    पार्ट 5



    Ø  40 हजार करोड़ रुपये  का अतिरिक्त  प्रावधान मनरेगा में



    Ø  शिक्षा के लिए ई विद्या  प्रोग्राम शुरू जल्द  किया जायेगा



    Ø  MSME के दीवालीपन के तहत कार्यवाही न हो ऐसे में सीमा 1 लाख से 1 करोड़  रुपए की गयी हैं



    Ø  15 हजार करोड़ रुपए हेल्थ सेक्टर के लिए जारी किये जा चुके हैं.



    इस तरह से वित्त मंत्री के द्वारा 5 दिन में सरकार की ओर से 11.02 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का ऐलान किया गया । पार्ट 1 पैकेज में आर बी आई द्वारा किये गए ऐलान भी शामिल है।



     सम्पूर्ण आत्मनिर्भर भारत पैकेज



    SN.                        ITEM.                  (Rs. Cr.)

    1                             पार्ट  1.                 5,94,550

    2.                            पार्ट  2.                 3,10,000

    3.                            पार्ट  3.                 1,50,000

    4.                            पार्ट  4,                    48,100

                                   पार्ट 5



    Sub Total:                     11,02,650



    5.                           Earlier             

                                 Measures

                                 incl

                                 PMGKP

                                (Earlier slide)       1,92,800



    6.                          RBI           

                                 Measure

                                (Actual)                8,01,603



    Sub Total:                    9,94,403



    GRAND TOTAL:      20,97,053





    प्रवासी मजदूरों को श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से घर भेजा जा रहा है जिसका 85% खर्चा केंद्र सरकार ओर 15% राज्य सरकार उठा रही है।  उज्ज्वला योजना के अंतर्गत  रसोई गैस के  सिलेंडर एवं गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत राज्यों के माध्यम से अनाज दिया गया।  8.19 करोड़  किसानो के खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर के जरिये पैसा ट्रांसफर किया गया है। इसके अलावा भी सरकार ने जनधन खातों में मनी ट्रांसफर की है। यानी 11.02 लाख करोड़ रुपए के अलावा सरकार द्वारा 1.92 लाख करोड़ रुपए का ऐलान  और आर बी आई द्वारा  उठाये गए 8.01 लाख करोड़ रुपये का कदम मिलाकर यह पैकेज 20.09 लाख करोड़ का हो जाता है।






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