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    द्वितीय विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान मीडिया कार्यशाला का हुआ आयोजन



    द्वितीय विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान मीडिया कार्यशाला लखनऊ मंडल

    लखनऊ: 27 जून 2019 को होटल गोल्डन ट्यूलिप में द्वितीय विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान 

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    मीडिया कार्यशाला का आयोजन हुआ जिसमें दिमागी बुखार से जंग के लिए एक प्रोग्राम चलाया जाएगा 1 जुलाई 2019 से जिसका नाम दस्तक है यह प्रदेश भर में शुरू होगा व8शेष संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान का द्वितीय चरण  है 

    कार्यक्रम की शुरुआत डॉ मिथलेश चतुर्वेदी निदेशक ,संचारी रोग ।डॉ मिथलेश ने बताया कि इस बुखार की रोकथाम के लिए सबसे पहले सभी को जागरूक होना पड़ेगा और इस बात का विशेष ध्यान रल्हन पड़ेगा कि जो अपने आसपास है उसे साफ सुथरा रखे क्योंकि ये बीमारी सबसे ज्यादा गंदगी से होती है डॉ चतुर्वेदी ने बताया किस दस्तक में12अन्य  विभाग भी कम कर रहे है अभी तक घर घर पहुँचे है अब जन जन तक पहुंचना है इस अभियान में सभी लोगों की भूमिका अहम है सभी को इसके लिए प्रयासरत रहना होगा।डॉ चतुर्वेदी ने बताया की सफाई का विशेष ध्यान रखना है इसकी रोकथाम के लिए ।

    इसी क्रम में  सचिव चिकित्सा स्वास्थ एवं परिवार कल्याण एवं मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम पंकज कुमार के द्वारा बताया गया इसमे चिकित्सा के साथ साथ जैसे कृषि विभाग,नगर विकास विभाग,ग्राम विकास विभाग,पंचायती राज विभाग, पशुपालन विभाग,महिला एवं बाल विकास विभाग,बेसिक शिक्षा विभाग ,चिकित्सा विभाग,द्विव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग,समाज कल्याण विभाग,सिंचाई विभाग,सूचना विभाग इत्यादि विभागों की भूमिका इसमे अहम है।इसमे स्वास्थ विभाग हर व्यक्ति की अहम भूमिका है सभी को इसके लिए आगे आना होगा 

    विगत वर्ष ,दस्तक अभियान प्रदेश के गोरखपुर एवं बस्ती मंडल के सात जिलों ( गोरखपुर ,देवरिया,महराजगंज,कुशुनगर ,सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर,और बस्ती ) में चलाया गया था।इस वर्ष यह पिछले जनपदों के साथ लखनऊ एवं देवीपाटन मंडल के 10 जनपदों (लखनऊ, हरदोई,लखीमपुरखीरी,रायबरेली,सीतापुर,उन्नाव,गोंडा, बहराइच,श्रावस्ती,बलरामपुर,) एवं बाराबंकी में चलाया जाएगा।


    क्योंकि ये किसी एक के लिए नही जन जन के लिए है हर व्यक्ति तक ये सन्देश पहुंचे तभी इसका उद्देश्य पूरा होगा ।संचारी रोग के कारण के बारे में डॉ विकसेंदु अग्रवाल संयुक्त निदेशक, संचारी रोग ने बताया कि संचारी रोग के कारण ये एक ऐसी बीमारी है एक्यूट इनसेफलाइटिस सिंड्रोम या दिमागी बुखार( एईइस ) ये एक ऐसी घातक बीमारी है जिसमे इलाज होने के बाद भी ठीक होने पर रोगियों में दिमागी या शारीरिक विकलांगता आ जाती है ।

    एईइस जापानी इनसेफलाइटिस( JE) तथा स्क्रब टाइफस मुख्य कारक है दिमागी बुखार के वायरस जानवर,सुअर ,तालाब में रहने वाली चिड़िया जैसे बतख के शरीर पर पनपते है चूहे छछूंदर आदि एक शरीर से पनपते है स्क्रब टायफस के कीटाणु बहुत छीटे होते है एईइस के 30 प्रतिशत कारणों का अभी भी पता नही चल सका है । 

      एईइस की पहचान: तेज बुखार आना लगातार आना,  
    सुस्त होना,शरीर मे झटके आना,/,दौरे पड़ना,बोल न पाना ,कोमा,बेहोशी ,चिकोटी काटने पर हरकत न होना।

      बचाव के उपाय:-   
    • 1-अपने क्षेत्र के आसपास पाँच वर्ष तक के सभी बच्चों का पूर्ण टीकाकरण करायें।
    • 2-पीने के लिए  क्लोरीन से उपचारित/ उबले पानी का इस्तेमाल  करे।
    • 3-जानवरो के अपने रहने के स्थान से दौर रखे।
    • 4-खाना बनाने और खाने से पहले तथा मल त्याग के बाद हाथ साबुन से धोएं।
    • 5-शारीरिक स्वच्छता तथा शौच के लिए शौचालय का इस्तेमाल करें।
    • 6-अपने घर के आसपास साफ रखें ,पानी न जमने दे।
    • 7-सोते वक्त मच्छरदानी का प्रयोग करें और मच्छरों को पनपने से रोकें।
    • 8-सुअर बाड़ों का निर्माण बस्ती से बाहर करें।
    • 9-चूहों आदि के नियंत्रण के लिए समुदाय को प्रेरित करें

    इस अभियान के अंतर्गत 1-31 जुलाई के बीच जिला ,ब्लॉक,और ग्राम पंचायत,स्तर पर कई जन जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किये जायेंगे।अभियान के दौरान जानकारी के साथ दिमागी बुखार पर चौतरफा वार भी होगा जिसमें नियमित टीकाकरण के अंतर्गत जे ई टीकाकरण ,मच्छरों से बचाव ,श्रमदान द्वारा झाड़ियों की कटाई,नालियों की सफाई ,आदि का ध्यान रखा जाए।


    भाई शैली कम्युनिकेशन फ़ॉर डेवलोपमेन्ट स्पेसशलिस्ट यूनिसेफ उत्तर प्रदेश ने कहा "यूनिसेफ सरकार द्वारा चलाए जा रहे दस्तक अभियान में पूरी तरह सहयोग करता है।प्रत्येक बच्चा अनमोल है और सही जानकारी एवं सही समय पर दिया गया इलाज ही उनकी जान बचा सकता है।

    कोई भी बुखार दिमागी बुखार हो सकता है इसलिए इसे नजरअंदाज न करे जानकारी ही सही बचाव है दस्तक अभियान में यूनिसेफ ,पाथ, डबल्यूएचओ,टाटा ट्रस्ट्स,आदि संस्थाए सहयोग कर रही है। कार्यशाला में डॉ, आशुतोष,डॉ विकसेंदु अग्रवाल,डॉ निर्मल सिंह,नताली आदि उपस्थित रहे।।



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