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    शाहाबाद पुलिस की फर्जी मुकदमें बाजी से जनता में रोष



    हरदोई,शाहाबाद- कोतवाली शाहाबाद पुलिस की भ्रष्ट कार्यशैली के आम अवाम में असंतोष व्याप्त हो गया है।पुलिस की कार्यप्रणाली से जनपद के पुलिस के मुखिया एस पी साहब को भी अवगत कराया गया है।

    मालूम हो हाल में शाहाबाद पुलिस ने 2 अप्रैल को रात्रि 10 नगर के प्रतिष्ठित समाजसेवी अनुराग श्रीवास्तव निवासी मोहल्ला खत्ता जमाल खां व उनके एक साथी सुरेंद्र निवासी नगरा,सिकंदरपुर के विरुद्ध शाहाबाद के मोहल्ला निहालगंज में रामगुनी पत्नी सुरेश की ओर से घर मे घुसकर मारपीट कर चोट पहुंचाने का आरोप लगाते हुए अभियोग दर्ज कर लिया।जिसकी सूचना अनुराग श्रीवास्तव को तब हुई जब 19 अप्रैल को उनके आवास पर विवेचनाधिकारी उपनिरीक्षक संजय कुमार राय स्वयं पहुंचे।
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    शाहाबाद पुलिस की फर्जी मुकदमें बाजी से जनता में रोष
    परंतु जब अनुराग को चोटिल अवस्था मे देखा तो सन्न रह गए।ध्यान देने योग्य बात यह सामान्य घटनाओं में भी तहरीर लेने के बाद पुलिस सिपाही अथवा होमगार्ड को भेजकर मामले को संज्ञान में आने के बाद भी अनौपचारिक एन सी आर तक दर्ज करना पसंद नहीं करती।इस प्रकरण में बिना कोई पड़ताल के घटना के दो दिन बाद 2 अप्रैल की रात्रि में जामा मस्जिद चौकी इंचार्ज की संस्तुति पर अनुराग श्रीवास्तव के विरुद्ध अभियोग दर्ज कर देती है।पुलिस के इस कृत्य के प्रकाश में आने के आम अवाम में पुलिस के प्रति असंतोष उत्पन्न हो गया है।नगर के समाजसेवी सत्येंद्र कुमार,संजय पंडित,मोहित,अमित,युवा जनशक्ति फाउंडेशन के प्रमुख राकेश श्रीवास्तव, सुमित,एस एन मिश्रा, सोनू समेत तमाम लोगों ने समाजसेवी अनुराग श्रीवास्तव पर फर्जी अभियोग दर्ज करने के लिए स्थानीय पुलिस की भर्त्सना एवं निंदा की है।सभी ने एक स्वर से मांग की है कि उपरोक्त अभियोग की किसी मजिस्ट्रेट या अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा जांच कराई जाए तथा दोषी स्थानीय पुलिस पर कार्यवाही की जाए।

    यहां उल्लेखनीय है कि ठीक इसी तरह एक फर्जी मनगढ़ंत मुकदमा 30 जनवरी को नगर के सभासद डॉ आशीष अवस्थी के विरुद्ध दर्ज किया गया।जिस पर अधिवक्ताओं व समाजसेवियों को हस्तक्षेप कर उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर निष्पक्ष जांच कराई गई।

    एक अन्य घटना में उपनिरीक्षक संजय कुमार राय ने नगर के दिलेरगंज निवासी फारेस्ट उप निरीक्षक संजय कुमार मिश्रा,मंगल मिश्रा, के साथ प्रतिष्ठित दवा व्यवसायी राजेश चौधरी व उनके पुत्र आकाश चौधरी को भी नामजद कर दिया।भारी विरोध के बाद पुलिस उपनिरीक्षक ने क्षमा याचना कर उक्त प्रकरण में सुलह कराकर किसी तरह अपना दामन बचाया।यही नहीं महुआटोला में एक दलित ओमप्रकाश की पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा करा दिया।

    गौरतलब है कि हरदोई जिले की शाहाबाद कोतवाली फर्जी मुकदमा लिखने में अग्रणी पंक्ति में आ गई है।यहां तैनात प्रभारी निरीक्षक एवम दरोगा आदि की सत्यनिष्ठा संदिग्ध हो गई है।अब आम अवाम को पुलिस अधीक्षक हरदोई की कार्यवाही का इंतजार है।क्योंकि निवर्तमान इंस्पेक्टर दीनानाथ मिश्र भी अपने कुकृत्यों की बजह से चार माह भी शाहाबाद में पूरे नहीं कर पाए और पुलिस अधीक्षक ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया था।
    रिपोर्ट-अतुल मिश्रा 

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