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    ताज लिटरेचर क्लब और अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा महिला प्रकोष्ठ का हुआ आयोजन


    आगरा- अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा महिला प्रकोष्ठ एवं ताज लिटरेचर क्लब के संयुक्त तत्वाधान में होली मिलन समारोह का आयोजन होटल ग्रांड आगरा कैंट में किया गया

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    ताज लिटरेचर क्लब और अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा महिला प्रकोष्ठ का हुआ आयोजन 
    समारोह की मुख्य अतिथि आकाशवाणी आगरा की निदेशक डॉ राजश्री बनर्जी अध्यक्षता डॉ राजकुमारी शर्मा ने की मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप वन मुख्य अतिथि डॉ पी बनर्जी एवं डॉक्टर राजकुमार शर्मा सुश्री कुसुम तिवारी द्वारा किया गया
    ताज लिटरेचर क्लब और अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा महिला प्रकोष्ठ का हुआ आयोजन 
    राजकुमारी शर्मा ने कहा आज की नारी पुरुषों से किसी मामले में कम नहीं है,लेकिन कहीं कहीं उसे आत्मविश्वास के लिए संभल की आवश्यकता होती है,कुसुम तिवारी ने पुलवामा में शहीद हुए सैनिकों के लिए कविता पढ़ी और इस अवसर पर श्री विनय पद सरिया डॉ आर सी शर्मा को सम्मानित किया गया,धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती सुनीता सारस्वत ने किया कार्यक्रम का संचालन डॉ मधु भारद्वाज ने किया

    सूरज सिंह की कविता:-
    हो तुलसी के छंद समेटे, क्या मेरी कोई कृती गाई हो। 
    जब भी देखु इस मानस को, हर दोहे में तुम ही समाई हो।।

    डॉ राजश्री बनर्जी ने कहा होली मिलन समारोह जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम हमें प्रेम भाईचारे भाईचारे और सौहार्द का संदेश देते हैं हमें विरासत में मिली अपनी संस्कृति के प्रचार प्रयास हेतु समारोह आयोजित करने चाहिए
    ताज लिटरेचर क्लब और अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा महिला प्रकोष्ठ का हुआ आयोजन 
    ताज लिटरेचर क्लब की संस्थापिका भावना वरदान शर्मा, सोनी राज, त्रिशा ने मनमोहक शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किया,पंडित श्याम बाबू शर्मा, अनिल शर्मा,प्रिंस,दिव्या शर्मा,आकांक्षा शर्मा,वंदना तिवारी,सुनीता झा, नीलम शर्मा, रेखा गोस्वामी, अवनीश अरोरा, नरेश चंद्र अंशु प्रधान,वर्षा अग्रवाल व सूरज सिंह उपस्थित रहे
    कुसुम तिवारी:-
    ये शहीदों की जांबाज़ होली 
    सिर्फ रंगों की होली नही है
    ये है जलवा शहादत यारों
    ये फ़क़त इक ठिठोली नहीं है

    जब चले छोड़कर घर वो अपना
    टूटा दिल छुटा घर और वो सपना
    याद अपनो की आने लगी है 
    आँख फ़िर मुस्कराने लगी है

    वर्षा अग्रवाल अलीगढ :-
    नमन उस सिंदूर को 
    जो रणक्षेत्र में मृत्यु को 
    जीवन का गीत सुनाता है।
    मुक्त कर दायित्वों से 
    ओढ़कर मुस्कान मंजुल 
    स्मृतियों को वर्तमान बनाता है और अवनीश अरोड़ा ने भी मधुर गीतों की प्रस्तुति दी

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    रिपोर्ट- बीना सिंह

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