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    नए कोर्स, और प्रवेश शुल्क के नाम पर हर साल लगाया जाता करोड़ों का चूना


    हरदोई- कान्वेंट स्कूलों के बाजारीकरण ने शिक्षा की सुचिता को तार-तार कर दिया है। हर साल प्रवेश शुल्क,और कोर्स बदल कर जिस तरहं धन उगाही का सिलसिला चल रहा है उससे अभिभावक वर्ग बेहद परेशान है।
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    नए कोर्स, और प्रवेश शुल्क के नाम पर हर साल लगाया जाता करोड़ों का चूना
    हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा समय समय पर इसके विरुद्ध अभियान चलाया जाता है किंतु स्कूल मालिकों की पहुंच के आगे अधिकारी बेबस हो जाते हैं, नतीजन अभिभावकों को खुलेआम लूटने का सिलिसिला जारी है। इस संबंध में अभिभावक संघ के अध्यक्ष गोपाल द्विवेदी का कहना है कि यह मुख्यमंत्री के निर्देशों की अव्हेलना है। कान्वेंट स्कूलों की मनमानी फिर इस वर्ष शुरू हो गयी है।अभिभावकों का उत्पीड़न बर्दाश्त नही किया जाएगा। प्रकरण की शिकायत जिलाधिकारी से करेंगे।

    ताजा मामला शहर के नघेटा रोड स्थित बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल का है। स्कूल से जारी नोटिस में स्पष्ट लिखा गया है कि कोर्स यूनिवर्सल ट्रेडर्स से खरीदें। जबकि नियमानुसार ऐसा लिखना गलत है। कोई विद्यालय किसी भी सूरत में अभिभावकों को बाध्य नही कर सकता है कि उन्हें कोर्स किस दुकान से लेना है। किन्तु विद्यालय प्रबंधन के लालच ने शिक्षा जैसे मंदिर को न सिर्फ शर्मसार कर दिया बल्कि शिक्षा का बाजारीकरण कर दिया है। ऐसी स्थिति में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कल्पना कैसे की जा सकती है।

    पुस्तकों पर मनमाने प्रिंट रेट! हैरान करने वाली बात यह है कि किसी भी कान्वेंट स्कूल का कोर्स उनके द्वारा सुझाई गयी शॉप के अलावा अन्य कहीं मिलना ही मुश्किल है। ऐसे में बुक्स पर मनमाने प्रिंट रेट अंकित कराकर कम कीमत वाली पुस्तकें 05 गुना से अधिक कीमत पर अभिभावकों को थोपी जाती हैं। प्रकाशकों ने नाम न लिखने पर बताया कि स्कूल द्वारा 50 प्रतिशत कमीशन लिया जाता है, इसलिए रेट बढ़ाकर प्रिंट किया जाता है।सीएम के आदेश को कर दिया दरकिनार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विगत वर्ष कान्वेंट स्कूलों की मनमानी पर सख्ती से कदम उठाया था।उन्होंने सख्त निर्देश दिये थे कि विद्यालय 03 वर्ष तक पाठ्यक्रम नही बदल सकते।जो भी बदलाव किये जायें उसकी सूचना विद्यालय द्वारा पूर्व से नेट पर उपलब्ध कराई जाए।इसी तरहं किसी भी छात्र-छात्रा से हर वर्ष प्रवेश शुल्क नही वसूला जाएगा। इसके अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण समस्याओं को दूर करते हुए मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश जारी किए थे। खुद को भाजपा नेत्री बताने वाली उक्त विद्यालय की प्रबंधक व प्रधानाचार्या ने ही सीएम के आदेशों की धज्जियां उड़ाने से गुरेज नही किया।

    इनसेट-विद्यालय प्रबंधन ने दी सफाई-हरदोई। बाल विद्या भवन की संचालिका कीर्ति सिंह का कहना है, कि जहां सभी किताबें उपलब्ध हैं वो बच्चों को बता दिया गया है। महंगा कोर्स होता है इसलिए अन्य दुकानदार रखते नही है। अगर कोई लखनऊ से लाना चाहे तो लाये। हमने किसी को रोंका नही है,लखनऊ में यूनिवर्सल वालों से मैंने अनुरोध किया था, इसलिए वह हमें यहां कोर्स उपलब्ध करा रहे हैं 
    रिपोर्ट-शरद द्धिवेदी 

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