Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    होली महोत्सव कार्यक्रम के तीसरा दिन:-श्रध्देय आचार्य श्री किरीट भाई


    हरदोई- बाल विद्या भवन परिसर में आध्यात्मिक होली महोत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित आध्यात्मिक होली महोत्सव कार्यक्रम के तीसरे दिन परम श्रध्देय आचार्य श्री किरीट भाई जी ने बताया कि पमात्मा श्री कृष्ण रस स्वरूप है.

    षड रस भी हैं सातवां रस प्रेम रस है
    जीव की पुष्टि प्रेम से होती है भोजन से नही होती।
    भगवान श्री कृष्ण प्रेमावतार है 
    जो कर्म योगी है वो चक्र को उठाता है 
    प्रेमावतार में प्रभु बांसुरी बजाते है 
    गोपी के जीवन मे प्रतिदिन होलीे है
    योगी की साधना अहं ब्रह्मास्मि तक है 
    योगी तर्क नही करते
    कलियुग में केवल कीर्तन एक साधन जिससे जीव की मुक्ति हो जाती है भक्ति का अर्थ प्रभु की विरह है प्रेम में शक होता है न हक जताते है।प्रभु की याद में रोना ही भक्ति है भक्ति में आनन्द है और मोक्ष की भी प्राप्ति होती है।कर्म ,भक्ति एवं ज्ञान तीनों की आवश्यकताएं मानव जीवन में पड़ती है। इन तीनों को प्राप्त करने के लिए कोई उम्र की सीमा नहीं होती है।
    Holi-mahotsav-kaarykram-ke-teesra-din-shradhye-acharya-shri-kirit-bhai
    होली महोत्सव कार्यक्रम के तीसरा दिन:-श्रध्देय आचार्य श्री किरीट भाई
    सखा का स्वभाव है कि जो सुख स्वयं को है वो दूसरे को प्रदान करे
    विरहाग्नि से पाप का क्षय हो जाता है।
    भगवान का विरह विशिष्ट  योग है।
    आत्मा को सत्य और शांति के सिवा कुछ नही भाता
    रंग भरी जिंदगी में नित्य होली है इसलिए नित्य प्रेम और आनंद में डूबे रहिये।
    कान्हा पिचकारी न मार
    भजन पर फूलों की होली
    खेली गई।
    राधा कृष्ण की सुंदर झांकी ने फूलो की वर्षा की भक्तो ने जम कर नृत्य किया
    होली के भजनों पर भक्तो ने खूब नृत्य किया।
    आज के प्रवचन में मुख्य रूप से आलोक कपूर अतुल कपूर मुकेश अग्रवाल सजीव अग्रवाल गिरीश डिडवानिया  नरेश गोयल अनूप पूरी प्रभाकर पांडेय शेखर रस्तोगी हरिवंश सिंह,अवध बिहारी कीर्ति सिंह अविनाश प्रभा गोयल प्रचार प्रमुख भरत पांडेय मंच संचालन अपूर्व माहेश्वरी जी ने किया, बहुत से भक्त उपस्थित रहे।
    विजयलक्ष्मी सिंह 
    INA न्यूज़ 

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.