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    अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कर्म योगी बनना चाहिये:- संत श्री किरीट भाई जी


    हरदोई- आध्यात्मिक होली महोत्सव कार्यक्रम के दूसरे दिन संत श्री किरीट भाई जी ने बताया कि होली के सात रंग होते है लेकिन इनमे से कुछ रंग असली होते हैं और कुछ रंग एक दूसरे में मिला कर बनाए जाते हैं,ऐसे ही जीवन मे मुख्य रंग प्रेम दया सेवा ममता के होते हैं,जब चित्त में ईर्ष्या द्वेष क्रोध को मिला दिया जाता है तो जीवन बदरंग हो जाता है।
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    अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कर्म योगी बनना चाहिये:- संत श्री किरीट भाई जी 
    अगर व्यक्ति को नवधा भक्ति का आश्रय मिल जाए तो जीवन मे 9 रंग आ जाएंगे और जीवन भक्ति के रंग से सराबोर हो जाएगा।मोक्ष की इच्छा रखने वाले साधक को संसार की माया से मुक्त रहना चाहिए ये तभी सम्भव है।जब किसी महापुरुष की कृपा हो,महापुरुष वही हो सकता है जो हर परिस्थिति में अपने को ढाल ले और प्रसन्न रहे।भाव ही व्यक्ति को सुखी और दुखी बनाता है ज्यादा अभिलाषा व्यक्ति को दुखी कर देती है अशांति ,परेशानियां तब शुरु हो जाती हैं।
    अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कर्म योगी बनना चाहिये:- संत श्री किरीट भाई जी 
    जब मनुष्य के जीवन मे सत्संग नही होता– मनुष्य जीवन को जीता चला जा रहा है।लेकिन मनुष्य इस बारे मे नही सोचता की जीवन को कैसे जीना चाहिये– मनुष्य ने धन कमा लिया,मकान बना लिया,शादी घर परिवार बच्चे सब हो गये,,गाडी खरीद ली– यह सब कर लेने के बाद भी मनुष्य का जीवन सफल नही हो पायेगा।क्योंकि जिसके लिए यह जीवन मिला उसको तो मनुष्य ने समय दिया ही नही ओर संसार की वस्तुयें जुटाने मे समय नष्ट कर दिया। जीवन मिला था प्रभु का होने ओर प्रभु को पाने के लिए।लेकिन मनुष्य माया का दास बनकर माया की प्राप्ति के लिए इधर-उधर भटकने लगता है ओर इस तरह मनुष्य का यह कीमती जीवन नष्ट हो जाता है।

    जिस अनमोल रतन मानव जीवन को पाने के लिए देवता लोग भी तरसते रहते हैं। उस जीवन को मनुष्य व्यर्थ मे गवां देता है– देवता लोगों के पास भोगों की कमी नही है।लेकिन फिर भी देवता लोग मनुष्य जीवन जीना चाहते हैं। क्योंकि मनुष्य देह पाकर ही भक्ति का पूर्ण आनंद और भगवान की सेवा और हरि कृपा से सत्संग का सानिध्य मिलता है।संतो के संग से मिलने वाला आनंद तो बैकुण्ठ मे भी दुर्लभ है,अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कर्म योगी बनना चाहिये।जब तक मंजिल न मिले तब तक श्रम करते रहो,और दुनिया की भी बाते सुनते रहो एक दिन मंजिल मिल जाएगी,होली के भजनों पर भक्तो ने खूब नृत्य किया।

    आज के प्रवचन में मुख्य रूप से आलोक कपूर सजीव अग्रवाल गिरीश डिडवानिया मनीष चतुर्वेदी नरेश गोयल प्रभाकर पांडेय, उमेश अग्रवालजी, गोपाल नारायण मेहरोत्रा, मुकेश अग्रवाल, वैशव खन्ना, चन्द्रहास द्विववेदी, सजीव अग्रवाल, अतुल कपूर, ओम प्रकाश गुप्ता, अपूर्व माहेश्वरी, राजेन्द्र पटेल जी, नीलम मिश्र जी, प्रमिला कपूर, अखिलेश सिंह, अविनाश मिश्र, दीपक महेन्द्रा,आदि की प्रमुख श्रोताओं की उपस्थिति रही,उक्त जानकारी समिति के प्रचार प्रमुख भरत पाण्डेय द्वारा प्राप्त हुई।
    विजयलक्ष्मी सिंह 

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