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    ज्ञान योग धर्मार्थ ट्रस्ट की जमीन पर बना अवैध मारुति कार शोरूम


    हरदोई- मामला आज से लगभग 30 साल पुराना है,लखनऊ चुंगी से लगभग 3 किमी की दूरी पर ज्ञान योग धर्मार्थ ट्रस्ट का अस्पताल ज्ञानयोग चिकित्सालय अस्पताल की बिल्डिंग हुआ करती थी, इस ट्रस्ट को 1987 में स्वर्गीय राधेश्याम अग्रवाल पूर्व आई0ए0एस ने बनाया था। 
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    ज्ञान योग धर्मार्थ ट्रस्ट की जमीन पर बना अवैध मारुति कार शोरूम
    ट्रस्ट को बनाने के बाद  अग्रवाल ने ग्राम सभा की भूमि गरीबो के नि:शुल्क इलाज हेतु अस्पताल के लिए 1.2140 हेक्टेयर भूमि सरकार से आवंटित कराई थी,अग्रवाल जी के द्वारा आवंटित भूमि पर गरीबो के लिए अस्पताल बनवाया भी गया,जिस अस्पताल से पूर्व में कई हजार लोगों ने लाभ भी प्राप्त किया।राधेश्याम की मृत्यु के बाद उनके बेटे राजीव अग्रवाल ने सन 1999 में ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में अपनी विरासत दर्ज करवाई जो नियमतःगलत था।   

    लेकिन समय बढ़ता गया जो भूमि हजारो रुपये की थी  वो करोड़ो रूपये की हो गई सन 2009 में राधेश्याम के पुत्र संजीव अग्रवाल ने मारुति कार की डीलर शिप के लिए आवेदन किया जो मंजूर हो गया अब सवाल ये उठता था कि डीलर शिप बनाई कहा जाए सूत्रों के अनुसार तब राधेश्याम के पुत्र सजीव अग्रवाल ने एक सोची समझी रड़नीति के तहत फर्जी ट्रस्ट एजेंडा व डीड बना कर अपने आप को ट्रस्ट के सदस्यों से अस्पताल वाली भूमि को बेचने के लिए अधिकृत करवा लिया तत्पश्चात सजीव अग्रवाल ने दिनांक 19/06/2010 व 1/07/2010 को ज्ञानयोग धर्मार्थ ट्रस्ट के ऊपर यश फ्लोर मिल कर्जा दिखा कर ट्रस्ट की जमीन अपने ही दोनो पुत्रो को बेच दी तत्पश्चात उनके पुत्रो ने ट्रस्ट के अस्पताल को तुड़वा कर वहाँ कांसेप्ट कारमारुति शोरूम बनवा दिया तब से लेकर अब तक कई शिकायत हो चुकी है लेकिन कार्यवाही नही की गई कार्यवाही इस लिए नही हो रही है क्यो की जिस प्रकार भूमि की नवैयत बदली गई व ट्रस्ट की जमीन बेची गई उस पूरे प्रकरण में कई उच्च अधिकारी शामिल रहे है जिस कारण अधिकारी अधिकारी का बचाव कर रहा है।

    जब कि इस पूरे प्रकरण की शिकायत प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राजस्व विभाग, सब से की जा चुकी है लेकिन जब जांच सदर तहसील आती है तो मामले पर लीपापोती करते हुए अधिकारी शिकायत को निस्तारण कर देते है, इस पूरे प्रकरण को कई उच्च अधिकारियों की मदत से अंजाम दिया गया बसपा सरकार में जमीन बेची गई सपा सरकार में भूमि की नवैयत बदली गई व दाखिल खारिज किया गया।जिससे सिद्ध होता है कि योगी सरकार का एंटी भूमाफिया मात्र गरीबो की बस्तियों को उजाड़ने के लिए बना है, जिसका जीता जागता उदाहरण ओम नगर को रातों रात ध्वस्त कर दिया गया। 

    रिपोर्ट- शरद द्विवेदी 
    INA न्यूज़ 

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