Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    राघव को मैं न दूंगा, मुनि नाथ मरते-मरते"जितेंद्री जी महाराज ने भक्तों को बहुत रुलाया

    हरदोई 21 सितंबर- "प्राणों से अधिक प्रिय के बिछड़ने से दुख तो होता ही है,मुनि विश्वामित्र ने जैसे राम के रूप में दशरथ के प्राणों को ही मांग लिया हो।जुदाई और विदाई का संयुक्त संयोग मनुष्य के जीवन में  बड़ा ही दुखदाई होता है" उक्त व्याख्यान मानस अमृत सेवा संस्थान के बैनर तले श्री राम जानकी मंदिर परिसर में चल रही छठवें दिन की मानस कथा के मर्मज्ञ जितेंद्री जी महाराज  ने व्यक्त किये। श्री राम विवाह और जुदाई- विदाई के प्रसंग पर भक्तगण भाव विभोर हो,भीगी पलकों से माता सीता के विदाई के क्षणों को आत्मसात किया। 

    raghav-ko-mai-na-dunga-muni-nat-marte-marte-jitendri-ji-maharaj
    राघव को मैं न दूंगा, मुनि नाथ मरते-मरते"जितेंद्री जी महाराज ने भक्तों को बहुत रुलाया

    आचार्य जितेन्द्री जी महाराज ने राम विवाह प्रसंग सुनाकर लोगों को भावविभोर कर दिया। आचार्य जितेन्द्री जी महाराज ने कहा कि आज के समय में हर व्यक्ति अपने काम में लगा है लेकिन संत ही ऐसे है जो तप के माध्यम से हमें बचाता है। उन्होंने कहा कि विश्वामित्र जी ने जब ध्यान से देखा कि सूर्यवंश में राम-लक्ष्मण का जन्म हुआ है तो सभी के  कल्याण के लिए राम और लक्ष्मण को अपने साथ ले आये। बाद में श्रीराम व लक्ष्मण जी ने संतों की रक्षा हेतु ताड़का,सुबाहु और मारीच का वध किया। राम लक्ष्मण को मांगने के दौरान पूज्य महाराज जी समेत मौजूद सैकड़ों श्रोता गण भावविभोर हो जाते है।

    उसी समय एक भजन राघव को मैं न दूंगा, मुनिनाथ मरते-मरते  सुनाया तो लोगों के आंखों में आंसू आ गये। विवाह के समय एक भजन अवध नगरिया से चली है बरतिया, ये सुहावन लागे। बाद में सीता जी की विदाई की चर्चा करते हुये पूज्य महाराज जी ने कहा कि आज प्रत्येक माता पिता का कर्तव्य है कि वह अपनी बेटी में सुनयना जैसा संस्कार दे। जिससे उसका जीवन सुखमय बीते। विदाई के उन्होंने एक गीत बेटी ससुरे में रहिये,तू चांद बनके सुनाया तो लोगों की आंखे छलक आई। 

    संयोजक मुकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि कथा 24 सितंबर तक शाम पांच बजे से रात नौ बजे तक होगी। कथा में मानस अमृत सेवा संस्थान के संरक्षक जय कृष्ण शुक्ला,अभिषेक दीक्षित,मुकेश दुबे,दिवाकर अवस्थी,सुधीर जी,आचार्य प्रवीण शास्त्री,अनुज शुक्ला, प्राची दीक्षित,अभिषेक दीक्षित आदि लोग थे। व्यास पीठ के पूजन में मुख्य रूप से मुकेश रचना गुप्ता,गीता राजू साँई,संदीप बूंदी वाले,सौरभ बताशा वाले,रवि गुप्ता और लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया।

    शुभम बाजपेई 
    INA न्यूज़ ब्यूरो चीफ 

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.