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    गंगा जमुनी तहज़ीब की मिसाल है सण्डीला का श्री महावीर जी झण्डा मेला



    हरदोई,सण्डीला- सांडिल्य ऋषि की तपो भूमि सण्डीला में प्रतिवर्ष भाद्र मास के अंतिम मंगलवार को सैकड़ो वर्ष प्राचीन पौराणिक ऐतिहासिक व धार्मिक श्री महावीर जी झण्डा मेला का इतिहास काफी पुराना रहा है, यह मेला अपनी गंगा जमुनी तहजीब के लिए दूर दूर तक जाना जाता है तथा मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का आस्था का केंद्र श्री महावीर जी झंडा मेला है,मेले में किसी भेदभाव के सभी धर्मों के लोगों की शिरकत एवं सहभागिता रहती है।

    इस मेले की पौराणिक व ऐतिहासिक कहानी लगभग 150 वर्ष पुरानी है प्रारम्भ में अंग्रेजी हुकूमत के दौरान हिन्दू धर्म के आस्थावान लोगों को अपनी अस्मिता की रक्षा करना कठिन था इस कठिनाई से निपटने के लिए हिन्दू धर्म के लोगों ने एक योजना बनाई जिसमें लम्बी लाठी के आगे के सिरे पर नुकीला करके बल्लम लगाया और इसमें ऊपर बजरंग बली का झंडा लगाया अंग्रजों ने पूछा तो बता दिया कि झण्डा सीधा करने के लिए बल्लम लगाया गया है इस योजना के तहत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के  लोग एक राय होकर झण्डे को लेकर इम्लियाबाग चौराहे पर एकत्रित हुए जिस दिन एकत्रित हुए थे उस दिन भाद्र मास का अंतिम मंगलवार था कहा जाता है कि एक अंग्रेज अधिकारी ने श्री महावीर जी झण्डे का विरोध किया तो उसके परिवार में कोई बीमार पड़ गया तो रात में अंग्रेज अधिकारी को स्वप्न आया कि झण्डे का विरोध न करें उस अंग्रेज अधिकारी ने जब श्री महावीर जी के मंदिर जाकर क्षमा मांगी तब वो बीमार स्वतः ठीक हो गया । तभी से इस झण्डे का प्रारम्भ हुआ ये श्री महावीर जी का झण्डा नगर के प्रमुख मार्ग होते हुए श्री महावीर जी के मंदिर पर जाता है।

    श्री महावीर झंडा कमेटी के अध्यक्ष शैलेश अग्निहोत्री ने बताया की यह मेला चार दिन लगता है और प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रम होते है,सण्डीला में श्री महावीर जी का मंदिर एक सिद्ध पीठ के रूप में प्रसिद्ध है।झण्डा मेला में आज 25 सितम्बर को इम्लियाबाग़ चौराहा से भव्य झण्डा यात्रा निकाली जाएगी जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे व रामलीला 26 सितम्बर को नगीना जादूगर द्वारा जादू का कार्यक्रम रात्रि 9 बजे से जवाबी कीर्तन सुप्रसिद्ध कीर्तन कार रतिराम ज्ञानी ओर श्री मती कल्पना दूबे के बीच जवाबी कीर्तन का कार्यक्रम 27 सितम्बर को कवि सम्मेलन का कार्यक्रम सम्पन्न होगा।

    इस मेले की खास बात यह है कि श्री महावीर जी के झण्डा मेला का स्वागत मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा फूल मालाओं से छोटे चौराहे पर किया जाता है।स्थानीय प्रशाशन पूरी तरह सतर्क है।कई थानों की पुलिस व पी0ए0सी0 पूरे नगर में तैनात है।नगर पालिका कर्मचारी नगर की स्वछ रखने व प्रकाश व्यवस्था सही रखने में लगे हुए हैं।वहीं प्रदेश सरकार ने हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी चार दिन नगर को बिजली कटौती मुक्त कर दिया है।


    मुईज़ साग़री 

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