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  • INA BREAKING NEWS

    आइये F.A.S.T. के माध्यम से स्ट्रोक से खुद को बचाए् व अपनो को बचाए

    विगत दो वर्षो में भारतवर्ष में लकवे के लिए शुरू करे गए जान जागरूकता अभियान F.A.S.T के अंतर्गत लगभग 25 हज़ार लोगो को जागरूक किया जा चूका हे , जिसमे मुख्यतः स्कूल कॉलेजेस के बच्चे , विभिन्न संस्थानों के सदस्य , विभिन्न विभागों के स्टाफ, आम जनता, ग्रामीण लोगो में भी



    जागरूकता फैलाई गयी है 
    FA.S.T स एम्पैग्न के अंतर्गत एक अनूठी शुरुआत करते हुए डॉ. पियूष जैन व् उनकी पूरी टीम (जिसमे NCC, NSS ,स्टूडेंट्स भी शामिल हे ) विगत पौने ३ सालो से जिला चिकित्सालय आगरा में चिकित्सीय कार्य के अतरिक्त वह आने वाले गरीब व् मज्ब्बूर मरीजों व् उनके परिवारजनों को प्रत्येक माह में दो से तीन बार क्लास लगाकर पड़ते भी हे जिसमे उन्हें विभिन्न गैर संचारी रोगो 

    जैसे:- 
    डायबिटीज, कैंसर, हार्ट की बीमारी, ब्लड प्रेशर व् मुख्यतः स्ट्रोक यानि लकवे के बारे में बताया जाता है, जागरूक किया जाता हे व् उस से बचने के विभिन्न उपाय बताए जाते हे. उनकी यह क्लासेज मरीजों क्ले मध्य काफी लोकप्रिय हो गयी हे व् सेकड़ो मरीज इस से स्वस्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे है। 



    इसी जागरूकता बढ़ने के फलस्वरूप अब तक जिला चिकित्सालय आगरा में लगभग 15 लकवाग्रस्त मरीजों का सफलता पूर्वक इलाज किया जा चूका हे व् लकवे से ग्रस्त ( एक्यूट या क्रोनिक ) मरीजों की संख्या जिला चिकित्सालय आगरा की NCD CLINIC में लगातार बढ़ती जा रही हे जिनका हर संभव इलाज वह किया जाता है

    इसी क्रम में डॉ.पियूष जैन के द्वारा राष्ट्रीय स्वस्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश व् शांति मांगलिक हॉस्पिटल आगरा के सहयोग से लकवे के ऊपर देश की पहली डाक्यूमेंट्री मूवी भी बनाई गयी हे जिसमे वरिष्ठ चिकित्सको के साथ साथ जिला प्रशाशन के अधिकारीयों व् जान प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किये हे . उक्त डाक्यूमेंट्री मूवी को अप्रैल में दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल शार्ट फिल्म फेस्टिवल में सेलेक्ट भी किया गया व् काफी सरहाना भी प्राप्त हुई

    वर्तमान में F.A.S.T Campaign लकवे के मरीजों के लिए एक आशा की किरण के रूप में सामने आया हे व् इस अभियान से जागरूक होने वाले लोगो की व् लकवे जैसी जानलेवा बीमारी से बचने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही हे . इस तरह के अभियानों को देश व् राज्य के दूसरे शहरों में भी चलाए जनि की अत्यंत जरुरत हे .

    इस अभियान के लिए व् गैर संचारी रोगो की रोक थम में अनुकरणीय व् अनोखे कार्यो के लिए डॉ पियूष जैन व् उनकी टीम को राज्य सरकार की तरफ से व् विभिन्न राष्ट्रिय व् अंतर राष्ट्रीय संस्थानों के द्वारा पुरुस्कृत किया जा चूका हे

    IMPORTANT POINTS AND DETILS OF FAST CAMPAIGHN

    गैर संचारी रोग ( NON COMMUNICABLE DISEASE) जैसे ह्रदय रोग , डायबिटीज , कैंसर, स्ट्रोक (पक्षाघात,लकवा ) इन बीमारियों नें आज हमारे समाज में एक महामारी का रूप ले लिया है.



    आज पूरी दुनिया के देशों का ध्यान इस बात पर है की लगातार बढ़ती हुई इन बीमारियों से कैसे बचाव किया
    जाए

    आज कल वयस्कों में होने वाली 63 % मृत्यु इन बीमारियों की वजह से है व् पूरी दुनिया में स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले खर्च का 80 % खर्च इन चार या पांच बीमारियों से लड़ने पर व्यय हो रहा है

    जितने भी गैर संचारी रोग है उसमे से 48 % अपंगता व् मृत्यु सिर्फ ह्रदय रोग व् स्ट्रोक की वजह से हो रही है

    ह्रदय रोगों के बारे हमारे समाज में काफी हद तक लोग जागरूक है व् जटिल ह्रदय रोगों का इलाज आज मेडिकल साइंस के विकसित होने के साथ काफी हद तक संभव है

    परन्तु स्ट्रोक या पक्षाघात जो की एक गम्भीर बीमार है उसके बारे में जागरूकता की बेहद कमी हमारे समाज में देखी जा रही है

    काफी लोगो को तो स्ट्रोक या पक्षाघात का अर्थ नहीं पता है

    स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारी के बारे कुछ गम्भीर तथ्य आपको बताते है

    दुनिया में छह लाख लोग प्रति वर्ष स्ट्रोक की वजह से मृत्यु को प्राप्त होते है

     दुनिया में हर दो सेकंड में किसी न किसी को स्ट्रोक हो रहा है

    दुनिया में हर छह सेकंड में कोई स्ट्रोक की वजह से अपाहिज हो रहा है या किसी की मृत्यु स्ट्रोक की वजह से
    हो रही है

    हमारे देश में हर मिनट किसी की मृत्यु स्ट्रोक की वजह से हो रही है

    आज 13 से 33 % स्ट्रोक का शिकार युवा वर्ग के लोग हो रहे है जो हमारे समाज के लिए बहुत बड़ी हानि है

    तो आज हम सबके यहाँ साथ आने का यही उद्देश्य है की आप लोगो को या आम लोगो को किस तरह स्ट्रोक जैसे खतरनाक रोग के बारे अधिक जागरूक किया जाए जिस से आप अपनी व् अपने परिवार में किसी की जान समय पर बचा सकते है.



     जब तक आम लोग स्ट्रोक के प्रारंभिक लक्षणों को नहीं पहचानेंगे व् समय पर अपने मरीज को सही अस्पताल में सही इलाज के लिए नहीं लाएंगे तब तक हम स्ट्रोक से होने वाली हानि को काम नहीं कर सकते।

    कई ऐसे देश है जहां सरकार ने सिर्फ जनता को जागरूक कर के स्ट्रोक के ऊपर काफी हद तक विजय पाई है हमारे देश में सिर्फ 6 % लोग ही अभी स्ट्रोक के प्रारंभी लक्षणों को पहचान पाते है व् उन में से भी सिर्फ 15 % ही समय पर सही अस्पताल में पहुंच पाते है व् उन में से भी सिर्फ 5 % लोगो को ही सही इलाज सही समय में मिल पता है

    तो इस चिंताजनक स्थिति को देखते हुए ही हमारी सरकार ने इस तरफ खास ध्यान देना शुरू किया है व् उसी के अंतर्गत इस तरह के जन जागरूकता अभियानों की शुरुआत की जा रही है

     इस में हम सभी की भागेदारी जरुरी है - चाहे वो सरकारी अस्पताल हो या प्राइवेट हॉस्पिटल्स , चाहे सामाजिक संस्थाए हो या सरकारी संस्थाए व् सबसे ज्यादा समाज के लोगो की भागेदारी जरुरी है

    इसी लिए आज आप सबके लिए हम सबकी भागेदारी से एक नयी शुरुआत करी जा रही है , हम लोग आज स्ट्रोक या पक्षाघात के बारे लोगो को जागरूक करने के लिए एक अभियान शुरू कर रहे है जिसका नाम है

    F.A.S.T.
    F.A.S.T नाम रखने के पीछे क्या कारण है व् इस अभियान के तहत हम ऐसा कौन सा मैसेज घर घर तक पहुंचना चाहते है वो हम आगे देखते है

    स्ट्रोक के दो प्रकार होते है
    1- जब दिमाग की नस में खून का थक्का जैम जाता है - 80 - 82 % मरीज
    2 - जब दिमाग की कोई नस फट जाती है - 18 - 20 % मरीज

    जब दोनों में से कोई भी कारण उत्पन होता है तब हमारे शरीर में स्ट्रोक के प्रारंभी लक्षण दिखाई देना शुरू होते है

    जिन्हे हम लोग थोड़ी सी जानकारी से आसानी से पहचान सकते है व् अपने मरीज को अपाहिज होने या उसकी मृत्यु होने से बचा सकते है

    स्ट्रोक के उन प्रारंभिक लक्षणों के पहचानें के लिए ही इस अभियान का नाम F.A.S.T रखा गया है

    F– FACE (चेहरा): चेहरे में टेढ़ापन आ जाना
    A- ARM (हाथ): हाथ में कमजोरी आ जाना
    S- SPEECH (बोली): अस्पष्ट बोली

    अगर चेहरा, बाजु ,या बोली में से किसी को कोई कमजोरी अचानक उत्पन होती है तो उस व्यक्ति को स्ट्रोक होने की सम्भावना 72 - 80 % तक होती है

     व् हमें बिना समय ख़राब किये उसे चिकित्सीय सलाह के लिए ले जाना चाहिए
    T- TIME(समय): 4 घंटे में अस्पताल पहुँचना।



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