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    असली अन्नाद्रमुक का निर्णय अप्रैल अंत तक हो जाए : सर्वोच्च न्यायालय


    नई दिल्ली, 28 मार्च सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि चुनाव आयोग द्वारा तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम की अगुवाई वाले अन्नाद्रमुक गुट को असली अखिल भारतीय अन्नाद्रविड़ मुनेत्र कड़गम(अन्नाद्रमुक) पार्टी के रूप में मान्यता देने और 'दो पत्तियों' वाले चुनाव चिह्न् आवंटित करने के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका पर अप्रैल के अंत तक निर्णय कर लिया जाए। एक सदस्यीय पीठ द्वारा नौ मार्च को दिए गए अंतरिम आदेश को ठंडे बस्ते में डालते हुए, प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर की पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से इस संबंध में दो न्यायाधीशों की पीठ गठित करने और तीन हफ्तों में (अप्रैल अंत तक) इसपर निर्णय देने के लिए कहा।


    सर्वोच्च न्यायालय ने यह आदेश अन्नाद्रमुक से दरकिनार किए गए टी.टी.वी. दिनाकरण की याचिका पर दिया है।

    सर्वोच्च न्यायालय ने इसबीच चुनाव आयोग को अन्नाद्रमुक से संबंधित कोई भी आदेश नहीं देने के निर्देश दिए।

    दिल्ली उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने नौ मार्च को चुनाव आयोग से दिनाकरण के अलग संगठन अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कड़गम(एएमएमए) को चुनाव चिह्न् (प्राथमिकता के साथ प्रेशर कुकर) आवंटित करने के बारे में विचार करने के लिए कहा था।

    दिनाकरण ने आर.के. नगर विधानसभा उपचुनाव में चुनाव चिह्न् प्रेशर कुकर के साथ स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीता था। यह सीट पहले दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता के पास थी।

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